अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो इस समय चर्चा में है, जिसमें वह Google के CEO सुंदर पिचाई की तारीफ करते हुए उन्हें 'Monster' कहते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि पिचाई ने भी इस पर तुरंत मजेदार जवाब दिया, जिसके बाद यह पूरा पल सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया. लेकिन इस बातचीत के पीछे सिर्फ एक मजेदार मोमेंट नहीं था. इसके सेंटर में AI की और टेक कंपनियों का रोल भी है.
ट्रंप ने सुंदर पिचाई को क्यों कहा 'Monster'?
यह पूरा मामला 29 सितंबर को व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के बाद का है. ट्रंप ने Google CEO सुंदर पिचाई समेत कई बड़े टेक CEOs के साथ AI यानी Artificial Intelligence को लेकर बैठक की थी. बैठक में Google, Meta, Nvidia, Anthropic और दूसरी बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए थे.
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बैठक के बाद जब ट्रंप पत्रकारों से बात कर रहे थे, उन्होंने सुंदर पिचाई की ओर इशारा किया. पिचाई कुछ बोलने ही वाले थे कि ट्रंप ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह व्यक्ति 'Monster' है और लोग इन्हें जानते तक नहीं हैं. ट्रंप ने इसके बाद पिचाई के बारे में कहा कि उनकी जिंदगी कितनी शानदार है कि वह 'Monster' हैं और उन्हें हर समय मीडिया के सामने नहीं आना पड़ता. इसके बाद ट्रंप ने खास तौर पर कहा कि नाम याद रखना है तो सिर्फ 'सुंदर' याद रखिए.
यहां 'Monster' शब्द का इस्तेमाल ट्रंप ने नकारात्मक अर्थ में नहीं बल्कि पिचाई की बड़ी सफलता और टेक इंडस्ट्री में उनके प्रभाव की तारीफ के तौर पर किया था.
सुंदर पिचाई ने भी तुरंत पकड़ लिया मजाक
ट्रंप की बात सुनकर पिचाई मुस्कुराते नजर आए. इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'Hopefully a better tagline than I'm a monster'. यानी पिचाई ने मजाक में कहा कि उम्मीद है यह 'I'm a monster' से बेहतर टैगलाइन होगी.
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यही छोटा सा एक्स्चेंज सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया. वीडियो में पिचाई का शांत अंदाज और ट्रंप की अचानक की गई टिप्पणी लोगों का ध्यान खींच रही है.
कहानी 'Monster' से कहीं बड़ी है
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी बात ट्रंप और पिचाई की यह मजेदार बातचीत नहीं बल्कि वह बैठक है जिसमें दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI के भविष्य को लेकर एक साथ आईं. व्हाइट हाउस में हुई बैठक में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इससे जुड़े जोखिमों पर चर्चा हुई. इसके बाद बड़ी टेक कंपनियों ने AI के विकास को लेकर एक वॉलंटरी अग्रीमेंट पर सहमति जताई. इसमें कंपनियों की तरफ से अपने AI सिस्टम पर ज्यादा निगरानी रखने, रिस्क रिव्यू करने और बाहरी एक्सपर्ट्स से इवैलुएशन कराने जैसी व्यवस्थाओं की बात कही गई है.
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सुंदर पिचाई ने इसे समझाते हुए कहा कि कंपनियां AI के लिए ऐसे प्रोसेस और कंट्रोल अपनाने पर सहमत हो रही हैं, जैसे कंपनियां अपने फाइनांशियल कंट्रोल के लिए करती हैं. उनका कहना था कि इन्हीं स्थापित तरीकों को सुपर इंटेलिजेंस के डेवेलपमेंट में इस्तेमाल किया जाएगा.
AI का नाम भी बदलने की कोशिश
इस बैठक के दौरान एक और बड़ा फैसला सामने आया. ट्रंप प्रशासन ने Artificial Intelligence यानी AI के लिए 'Super Intelligence' या 'SI' शब्द इस्तेमाल करने का फैसला किया है. व्हाइट हाउस ने 29 सितंबर को एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर जारी किया. इसमें अमेरिकी एग्जिक्यूटिव ब्रांच के डिपार्टमेंट्स और एजेंसीज को ऑफिशियल कम्यूनिकेशन, वायरलेस, रिपोर्ट्स और पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स में AI की जगह 'Super Intelligence' और 'SI' शब्द इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी दुनिया में AI शब्द खत्म हो गया है. एग्जिक्यूटिव ऑर्डर अमेरिकी एग्जिक्यूटिव ब्रांच की सरकारी भाषा और कम्यूनिकेशन पर लागू होता है.