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Telegram पर हाई कोर्ट ने खींच दी रेड लाइन! कैसे ये मेटा और X के लिए भी कड़ा संदेश है

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है और भारत सरकार द्वारा लगाए गए अस्थाई बैन को हटाने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकार के पास पावर है और वह चाहे तो हमेशा के लिए बैन भी लगा सकती है. यह एक ऐसी लाइन है, जो सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रेड लाइन है.

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दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राम से नहीं हटेगा बैन. (Photo: Reuters)
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि टेलीग्राम से नहीं हटेगा बैन. (Photo: Reuters)

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर बैन हटाने से इनकार कर दिया है. भारत सरकार ने टेलीग्राम पर RE-NEET एग्जाम के चलते अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया था, जिसको टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.  

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकारी के पास पावर है. कोर्ट ने कहा है कि आईटी एक्ट सरकार को पूरे प्लेटफॉर्म/ऐप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है. सरकार के पास यह आदेश जारी करने की शक्ति थी.हाई कोर्ट के इस फैसले के मायने उन सभी मैसेजिंग ऐप के लिए हैं, जो भारत में काम करते हैं.

हाई कोर्ट के फैसले से समझ आता है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के प्लेटफॉर्म को भारतीय कानून के बाहर नहीं रखा जा सकता है और उन्हें भारतीय संविधान के तहत काम करना होगा. 

21 जून को भारत में NEET एग्जाम

भारत में 21 जून को भारत में NEET 2026 का एग्जाम दोबारा होने जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार ने सावधानी के तौर पर टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और बैन हटाने से इनकार कर दिया है. 

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यह भी पढ़ें: Telegram Delhi High Court Verdict : 'सरकार के पास है पावर' टेलीग्राम को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

टेलीग्राम पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप 

टेलीग्राम पर अक्सर पेपर लीक और फेक पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने दलील देते हुए बताया गया है कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई आतंकवादी गतिविधी में भी हुआ है. ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसको कई लोग गैर कानूनी सामान बेचने आदि में भी इस्तेमाल करते हैं. 

टेलीग्राम पर ढेरों फीचर्स ऐसे हैं, जिसकी वजह से इसपर अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया गया है. इसपर बिना फोन नंबर के भी अकाउंट तैयार किया जा सकता है. साथ ही एक वर्चुअल ग्रुप में मैक्सिमम 2 लाख तक लोगों को शामिल किया जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: Telegram के पांच फीचर्स जिसकी वजह से भारत में हुआ बैन

व्हाट्सऐप भी जा चुका है कोर्ट 

भारत में यह कोई पहला सोशल मीडिया ऐप नहीं है, जो भारतीय न्यायपालिका गया है. इससे पहले मेटा भी वॉट्सऐप पर लगाए गए एक पैनल्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा चुका है. साल 2024 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा व्हाट्सऐप पर 213 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. 

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