अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने गुरुवार को लगातार पांचवीं रात ईरान पर नए हवाई हमले किए. इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच भी व्हाइट हाउस ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले हैं और ईरान अभी भी अमेरिका के साथ समझौता (डील) करने का इच्छुक है.
अमेरिकी सैन्य कमान सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह अभियान गुरुवार दोपहर (अमेरिकी समयानुसार) शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों और क्षमताओं को निशाना बनाते हुए नई कार्रवाई शुरू की है।
हमले के तुरंत बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि की कि अमेरिकी मिसाइलें होर्मुज के पास स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आसपास के इलाकों में गिरी हैं.
ईरानी अधिकारियों की ओर से अभी तक इस हमले में हुए जान-माल के नुकसान या हताहतों की कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.
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भारी सैन्य नुकसान झेल रहा ईरान, अब चाहता है समझौता- अमेरिका
इन हमलों के कुछ घंटे पहले ही व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक प्रेस ब्रीफिंग में दोनों देशों के बीच जारी गुप्त वार्ताओं का संकेत दिया.
लेविट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और हमारे साथ एक समझौता करने की इच्छा जता रहा है, क्योंकि हमारी सेना के हमलों के कारण उन्हें बेहद विनाशकारी और भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है." सैन्य टकराव के इस दौर में भी कूटनीतिक बातचीत जारी रहने के इस दावे ने वैश्विक विशेषज्ञों को चौंका दिया है.