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दूसरे के नाम पर SIM लेना पड़ेगा भारी, 3 साल की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना!

दूसरे के नाम पर SIM लेना पड़ सकता है भारी, फर्जी दस्तावेज या पहचान का इस्तेमाल करने पर कानून सख्त है. ऐसे मामले में 3 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. जानिए SIM को लेकर क्या कहता है टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023.

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3 साल जेल, ₹50 लाख जुर्माना!
3 साल जेल, ₹50 लाख जुर्माना!

आज के समय में सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल (SIM) कार्ड सिर्फ किसी से बात करने के काम नहीं आता. बैंक अकाउंट से लेकर UPI, OTP और कई जरूरी ऑनलाइन सर्विस आपके मोबाइल नंबर से जुड़ी होती हैं. ऐसे में अगर किसी SIM का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाए या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके सिम लिया जाए, तो मामला काफी गंभीर हो सकता है.

हाल ही में डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलेकम्युनिकशन्स (DoT) ने भी लोगों को ऐसे मामलों को लेकर सावधान किया है. सितंबर 2026 में जारी एडवाइजरी में विभाग ने बताया कि फर्जी तरीके से सिम हासिल करना और टेलीकॉम आइडेंटिफायर का गलत इस्तेमाल करना कानून के तहत अपराध हो सकता है.

कानून में क्या है नियम?

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की सेक्शन 42(3)(e) के तहत अगर कोई व्यक्ति फ्रॉड या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनकर सिम हासिल करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

इस अपराध के लिए 3 साल तक की जेल, ₹50 लाख तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. ध्यान देने वाली बात ये है कि ₹50 लाख अधिकतम जुर्माना है, हर मामले में इतना जुर्माना लगेगा ऐसा नहीं है.

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने किसी दूसरे के दस्तावेज का इस्तेमाल किया और उसकी जानकारी के बिना उसके नाम पर SIM एक्टिवेट करा लिया. अगर जांच में यह सामने आता है कि सिम फ्रॉडया दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके हासिल किया गया था, तो मामला कानून के तहत जा सकता है.

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अपने नाम पर कितने SIM हैं, ऐसे चेक करें

DoT लोगों को सलाह देता है कि वे समय-समय पर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन चेक करें. इसके लिए संचार साथी पोर्टल और ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आपके नाम पर कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आपने नहीं लिया है, तो उसकी जानकारी तुरंत रिपोर्ट करना बेहतर है.

इतना ही नहीं, कानून में ऐसे अपराधों को लेकर मदद या उकसाने वालों के लिए भी प्रावधान है. Section 42(6) के तहत अपराध को अंजाम देने में एबेटमेंट, एटेम्पट या कांस्पीरेसी की स्थिति में भी सजा का प्रावधान है, अगर संबंधित अपराध उस मदद या साजिश के नतीजे में किया जाता है. सलिए SIM कार्ड को लेकर किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान या दस्तावेज का गलत इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है.
 

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