दिल्ली-NCR के शहर ग्रेटर नोएडा से साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां एक शख्स को 1.29 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया है. विक्टिम रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं. पहले विक्टिम को अनजान नंबर से कॉल किया, डिजिटल अरेस्ट किया और फोन कॉल पर कोर्ट रूम दिखाया. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
1 March 2026 से SIM Binding Rule लागू—WhatsApp, Telegram जैसे messaging apps को SIM से link करना होगा. Same number पर multi-device use और WhatsApp Web पर नई limitation. DoT का फोकस digital fraud रोकना, global tech firms ने जताई चिंता.
सिम बाइडिंग को लेकर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने काम करना शुरू कर दिया है. फोन से सिम निकालने के बाद WhatsApp काम करना बंद कर देगा. सरकार ने ये नियम भारतीयों की सुरक्षा और साइबर ठगों पर लगाम लगाने के इरादे से लागू करने का फैसला लिया है.
Whats is e-SIM: मुंबई की एक महिला e-SIM fraud की शिकार हो चुकी हैं और उनके बैंक खाते को कुछ मिनट के अंदर खाली कर दिया गया. साइबर दोस्त ने बताया है कि e-SIM स्कैम, साइबर ठगों की खतरनाक चाल है, जिससे लोगों को सावधान रहना चाहिए. किसी को भी OTP ना दें और लिंक आदि शेयर ना करें.
how much gold in SIM card: इन दिनों सोने-चांदी का भाव काफी बढ़ा हुआ है. आज की बात करें तो सोने का भाव 1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है.
Digital Arrest Scam Delhi: दिल्ली से डिजिटल अरेस्ट का एक हैरान कर देने वाला केस सामने आया, जो दो बुजुर्ग के साथ 14.85 करोड़ रुपये ठगी हुई है. विक्टिम को अनजान नंबर्स से कॉल आई, फेक पुलिस, फेक कोर्ड ऑर्डर आदि दिखाए. यहां आपको डिजिटल अरेस्ट के कॉमन पैटर्न के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे साइबर आम लोगों को शिकार बनाते हैं. इसकी मदद से साइबर ठगों को आसानी से पहचान सकते हैं.
सिम बाइंडिंग को लेकर लगातार चर्चा चल रही है. क्या सिम बाइंडिंग से देश में साइबर फ्रॉड कम हो जाएंगे? दरअसल सिम बाइंडिंग एक टर्म है जिसे समझना बेहद जरूरी है. अगर सरकार इसे इंपोज कर देती है तो आम यूजर्स पर इसका डायरेक्ट असर पड़ेगा.
SIM-Binding को लेकर हाल में ही डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ने एक आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत पॉपुलर मैसेजिंग ऐप्स को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके ऐप्स उसी डिवाइस में काम करें, जिसमें रजिस्टर्ड सिम कार्ड एक्टिव हो. इस नियम को लेकर लोकल सर्किल ने सर्वे किया है, जिसमें लोगों ने अपनी राय रखी है.
आपके नाम पर जारी सिम सिम कार्ड का यूज गैरकानूनी एक्टिविटी में किया जाता है. यह आपके लिए काफी मुश्किलें खड़ी कर सकता है. आइए जानते हैं कैसे?
भारत सरकार ने बड़ा आदेश जारी कर दिया है. नए आदेश के तहत अब भारत में मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे ऐप बिना एक्टिव SIM कार्ड के काम नहीं कर सकेंगे.
आपके नाम पर सिम है और कोई और मिसयूज कर रहा है तो पुलिस आप तक पहुंच सकती है. इसलिए DoT ने लोगों को संचार साथी यूज करने को कहा है जिससे ये पता लगा सकते हैं कि आपके नाम से कितने सिम चल रहे हैं.
सिम कार्ड आपके नाम पर है और उस नंबर से फ्रॉड होता है तो जवाबदेही आपकी भी होगी. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम यानी DoT ने चेतावनी दी है. बताया जा रहा है कि जिस शख्स के नाम पर सिम है और उस सिम से कोई स्कैम होता है तो उससे भी पूछताछ हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि आप ये सुनिश्चित करें कि आपके नाम पर कोई दूसरा सिम तो नहीं यूज कर रहा है.
WhatsApp ने iPhone यूजर्स के लिए एक नया फीचर जारी किया है, जिसकी मदद से यूजर्स एक ऐप पर मल्टीपल अकाउंट्स का यूज कर सकेंगे. अभी तक iPhone पर डुअल सिम यूजर्स एक ही फोन में दो सिम नहीं चला पाते थे. इसके लिए उनको व्हाट्सऐप बिजनेस ऐप का सहारा लेना पड़ता था, जो काफी उलझन भरा काम था.
साइबर ठगी का नया केस सामने आया है, जहां विक्टिम के साथ 64 लाख रुपये ठगी हुई है. विक्टिम को झांसा दिया कि उनके आधार कार्ड पर कई सिम कार्ड एक्टिव हैं. इसके बाद विक्टिम को डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे जांच के नाम पर रुपये मांगते रहे. उनसे वादा किया कि जांच के बाद उनको रुपये वापस कर दिये जाएंगे. आइये पूरे मामले के बारे में जानते हैं.
आधार ऑथेंटिकेशन, वेरिफिकेशन का एक प्रोसेस होता है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से होता है. इस प्रोसेस के तहत कोई भी एलिजिबल एजेंसी ऑथेंटिकेशन प्रोसेस को इनीशिएट कर सकती है, जिसके बाद UIDAI की एजेंसी उन डिटेल्स और बायोमैट्रिक डिटेल्स को वेरिफाई करती है. वेरिफिफिकेशन कंप्लीट होने पर रिक्वेस्ट इनीशिएट करने वाली एजेंसी को जानकारी दी जाती है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
आपके नाम पर कितने SIM Card एक्टिव हैं? कहीं साइबर ठग तो नहीं कर रहे आपका गलत इस्तेमाल! जानिए संचार साथी पोर्टल से कैसे करें फ्री में चेक और अनजान नंबर को ब्लॉक.
साइबर ठग या क्रिमिनल्स जालसाजी कर दूसरे लोगों के नाम से SIM Card तक जारी करवा लेते हैं. ऐसे में वे आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकते हैं.
भारत डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके एक जरूरी जानकारी दी है. पोस्ट में बताया है कि 41.8 लाख रुपये की कीमत के स्मार्टफोन रिकवर किए गए हैं.
राजस्थान के जैसलमेर और श्रीगंगानगर में पाकिस्तानी सिम पर प्रतिबंध लगाया गया है. सीमा पर मोबाइल टावर की रेंज बढ़ने से जासूसी की आशंका है. BSF ने ड्रोन चेतावनी जारी की और संवेदनशील जिलों में अलर्ट जारी किया गया है
SIM Card का असल में पूरा नाम सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल है. SIM Card फोन के लिए एक जरूरी है. इसे फोन में लगाने के बाद कॉल, मैसेज, इंटरनेट आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं.
साइबर स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरकीब तैयार करते हैं. इनमें से एक तरकीब के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसका नाम E-SIM Scam है. इससे आपको सावधान रहने की जरूरत है.