
घर की सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर खरीदते समय आम तौर पर तीन चीजें देखी जाती हैं - कितनी पावर है, कितनी देर चलता है और धूल कितनी अच्छी तरह साफ करता है. Dyson ने भारत में नया वैक्यूम क्लीनर V16 Piston Animal लॉन्च किया है. इसके साथ कंपनी ने सोच को थोड़ा बदलने की कोशिश की है. कंपनी का दावा है कि यह सिर्फ ज्यादा पावर वाला वैक्यूम क्लीनर नहीं है, बल्कि इसमें लगे सेंसर और सॉफ्टवेयर यह समझ सकते हैं कि सामने किस तरह का फर्श है और उसी हिसाब से सफाई की पावर बदल सकते हैं.
भारत में Dyson V16 Piston Animal को 79,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है. यह कंपनी के सबसे ताकतवर एंटी-टैंगल कॉर्डलेस वैक्यूम क्लीनर में से एक है. इसे ऐप से भी कनेक्ट किया जा सकता है जहां आपको जरूरी इनफॉर्मेशन मिलेगी.
सबसे बड़ा बदलाव है नया सफाई वाला हेड
Dyson V16 Piston Animal की सबसे खास चीज इसका नया ऑल-फ्लोर कोन्स सेंस क्लीनर हेड है. इसमें दो ब्रश बार दिए गए हैं. इनका डिजाइन खास तौर पर लंबे बाल और पालतू जानवरों के बालों को ब्रश में उलझने से रोकने के लिए बनाया गया है.
आमतौर पर वैक्यूम क्लीनर में बाल ब्रश में फंस जाते हैं और फिर उन्हें हाथ से निकालना पड़ता है. डायसन का नया सिस्टम बालों को ब्रश के बीच से किनारों की तरफ ले जाता है और फिर उन्हें सीधे डस्ट बिन में खींच लेता है. कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम 25 इंच तक लंबे बालों को भी हैंडल कर सकता है.

लेकिन असली दिलचस्प हिस्सा यहां है. यही सफाई वाला हेड फर्श को पहचानकर अपनी सेटिंग खुद बदल सकता है. हार्ड फ्लोर पर ब्रश की रफ्तार कम हो जाती है, जबकि कारपेट पर यह ज्यादा तेज हो जाती है. साथ ही सक्शन पावर भी जरूरत के हिसाब से बदलती है. यानी हर बार अलग सफाई वाला हेड लगाने की जरूरत कम हो जाती है.
भारत जैसे घरों के लिए यह बदलाव खास मायने रखता है, क्योंकि यहां एक ही घर में मार्बल, टाइल, लकड़ी का फर्श, कारपेट और रग जैसी अलग-अलग सतहें मिल सकती हैं.
900 वाट की मोटर और 315 एयर वाट की ताकत
V16 में नई हाइपरडायमियम 900 वाट की मोटर दी गई है. यह मोटर अधिकतम 315 एयर वाट तक सक्शन दे सकती है. डायसन के मुताबिक यह उसके पिछले हाइपरडायमियम मोटर से 50 फीसदी ज्यादा ताकतवर है.
इसके साथ डायनेमिक साइक्लोन तकनीक भी है. बूस्ट मोड में पांच एक्स्ट्रा साइक्लोन ऐक्टिव हो जाते हैं, जिससे जहां ज्यादा सक्शन की जरूरत होती है, वहां मशीन ज्यादा ताकत लगा सकती है.

यहां डायसन का तरीका सिर्फ ज्यादा पावर देने का नहीं है. कंपनी अब इस बात पर ज्यादा जोर दे रही है कि मशीन जरूरत पड़ने पर ही ज्यादा ताकत इस्तेमाल करे. यही वजह है कि सेंसर, मोटर और सॉफ्टवेयर को एक साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है.
डस्ट बिन में भी बड़ा बदलाव
V16 में क्लीनकॉम्पैक्टर बिन दिया गया है. इसका काम सिर्फ धूल जमा करना नहीं, बल्कि उसे दबाकर कम जगह में जमा करना भी है. डायसन का दावा है कि इससे समान आकार के सामान्य बिन की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा धूल और कचरा जमा किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक इसमें करीब 30 दिनों तक की धूल और कचरा जमा हो सकता है.

बिन के अंदर की सतह को इस तरह बनाया गया है कि उसे खाली करते समय धूल और बाल कम चिपकें. यानी डायसन ने यहां एक छोटी लेकिन रोजमर्रा की परेशानी पर काम किया है. वैक्यूम क्लीनर इस्तेमाल करने के बाद सबसे खराब हिस्सा कई बार सफाई करना नहीं, बल्कि उसी वैक्यूम क्लीनर को साफ करना होता है.
फर्श पर छिपी धूल भी दिखाई देगी
Dyson V16 के सफाई वाले हेड में एलईडी रोशनी दी गई है. इसका काम फर्श पर मौजूद ऐसी धूल को दिखाना है जो सामान्य रोशनी में आसानी से नजर नहीं आती.डायसन की भारत में घरों की सफाई को लेकर की गई 2026 की स्टडी के मुताबिक 51.6 फीसदी लोगों ने कहा कि बिस्तर और फर्नीचर के नीचे की जगह अक्सर साफ नहीं हो पाती. वहीं 47.5 फीसदी लोगों ने कोनों, किनारों और दीवार के निचले हिस्से की सफाई में परेशानी बताई.
फिल्ट्रेशन पर भी जोर
V16 Piston Animal में पूरी तरह सील किया गया फिल्ट्रेशन सिस्टम दिया गया है. इसका मकसद वैक्यूम के अंदर खिंची गई धूल को दोबारा हवा में जाने से रोकना है. डायसन का कहना है कि इसका फिल्टर सिस्टम बहुत छोटे कणों को भी रोक सकता है. इसका फायदा खास तौर पर उन घरों में हो सकता है जहां धूल, बाल और पालतू जानवरों के बाल रोज की सफाई का हिस्सा हैं.