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साईं कृष्णा की कस्टडी में हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच के संकेत

पुलिस कस्टडी में मौत, शव के गायब होने और जांच में कथित खामियों के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचा है. अदालत के सख्त सवालों के बाद CBI जांच की संभावना सामने आई है. वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन में गाडे साई कृष्ण की हिरासत में मौत और उसके बाद शव के गायब होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट CBI जांच का आदेश नहीं देता, तो सुप्रीम कोर्ट खुद उचित आदेश पर विचार कर सकता है. 

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मामले की सुनवाई तीन जजों की बेंच ने की. सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि साई कृष्ण को हिरासत में लिए जाने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने क्यों पेश नहीं किया गया. कोर्ट ने FIR दर्ज करने में हुई देरी और पुलिस स्टेशन के CCTV फुटेज से जुड़ी जानकारी पर भी गंभीर चिंता जताई. साई कृष्ण को मई 2026 में टास्क फोर्स ने पकड़ा था और उसे कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन लाया गया था. 

सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया और बाद में वह लापता हो गया. पुलिस स्टेशन के महत्वपूर्ण समय के CCTV फुटेज के उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि जांच में केवल निचले स्तर के पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों हुई और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई. 

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साई कृष्ण की मां ने भी की CBI जांच की मांग

अदालत ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड सीलबंद लिफाफे में मांगे हैं. साथ ही DGP, पुलिस कमिश्नर और संबंधित ACP को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. इस मामले में राज्य सरकार ने पहले SIT का गठन किया था. SIT ने जांच के बाद आरोपपत्र भी दाखिल किया है और कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है. हालांकि, साई कृष्ण की मां और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है. 

यह भी पढ़ें: विजयवाड़ा: रेलवे स्टेशन पर आया हमलावर, लोहे की रॉड से पीटकर लोको पायलट को उतारा मौत के घाट

सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद विपक्षी YSRCP यानी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी ने आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. यह उनका राजनीतिक आरोप और मांग है, जिसका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच के नतीजों से होगा. अब सुप्रीम कोर्ट मामले की आगे की सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को करेगा. अदालत के निर्देशों के बाद, इस मामले की जांच और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर, आगे नजर रहेगी.

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