फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अल्जीरिया की चुनौती समाप्त हो गई. 3 जुलाई (शुक्रवार) को वैंकूवर के बीसी प्लेस वैंकूवर में आयोजित राउंड ऑफ 32 मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हरा दिया. अल्जीरिया के बाहर होने के साथ ही उसके सबसे बड़े फुटबॉल सितारों में से एक रियाद महरेज के इंटरनेशनल करियर का भी अंत हो गया. हार के बाद अल्जीरियाई कप्तान ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया.
35 वर्षीय रियाद महरेज ने मैच के बाद भावुक अंदाज में कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके बचपन का सपना था और अब नई पीढ़ी को आगे आने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने कहा, 'मेरे करियर में अच्छे और मुश्किल दोनों तरह के पल आए. लेकिन अल्जीरिया के लिए खेलना बचपन से मेरा सपना था. अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात रही. अब नई पीढ़ी की बारी है.'
मैच खत्म होने के बाद मैदान से बाहर जाते समय रियाद महरेज ने स्टैंड्स में मौजूद प्रशंसकों को थम्ब्स अप किया, अपने दिल पर हाथ रखा और हाथ हिलाकर भावुक विदाई दी. फ्रांस के क्लिशी में जन्मे महरेज ने 2013 में अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया. अपने 12 साल लंबे इंटरनेशनल करियर में उन्होंने 113 मैच खेलकर 40 गोल किए और अल्जीरिया के इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई. वह 2019 में अफ्रीका कप ऑफ नेशन्स (AFCON) जीतने वाली अल्जीरियाई टीम के कप्तान भी रहे. 2026 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर अपनी छाप छोड़ी.
रियाद महरेज का क्लब करियर भी बेहद शानदार रहा. उन्होंने लीसेस्टर सिटी के साथ 2015-16 में ऐतिहासिक प्रीमियर लीग खिताब जीता, जिसे फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में गिना जाता है. इसके बाद मैनचेस्टर सिटी के साथ उन्होंने चार प्रीमियर लीग, एक यूईएफए चैम्पियंस लीग और कई घरेलू ट्रॉफियां अपने नाम कीं. फिलहाल वह सऊदी प्रो लीग क्लब अल-अहली के लिए खेल रहे हैं.
करीब एक दशक तक अल्जीरियाई फुटबॉल की पहचान रहे रियाद महरेज अब राष्ट्रीय टीम की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे. उनके संन्यास के साथ अफ्रीकी फुटबॉल के एक यादगार दौर का भी अंत हो गया.