स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेस्म में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है. भारत के स्टार वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में देश के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है. वहीं, एथलेटिक्स में महिला डिस्कस थ्रो कंपीटीशन में सीमा कलीरामना ने ब्रॉन्ज जीत लिया है.
लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया. उन्होंने स्नैच राउंड में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम का भार उठाया.
इन दो मेडल्स के साथ ही भारत ने अब तक कुल 16 मेडल्स (3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज) अपने नाम कर लिए हैं.
स्नैच कंपीटीशन के बाद न्यूजीलैंड के डेविड लिटी लवप्रीत से पूरे 10 किलोग्राम पीछे थे. लेकिन क्लीन एंड जर्क के दूसरे राउंड में डेविड ने 223 किलोग्राम का भार उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड बनाया. इसके साथ ही वो कुल 389 किलोग्राम वजन के साथ लवप्रीत से सिर्फ 1 किलोग्राम आगे निकल गए और गोल्ड मेडल हासिल किया.
'गोल्ड मिस होने का दर्द है, आगे और बेहतर करूंगा'
गोल्ड मेडल महज 1 किलोग्राम के मामूली अंतर से चूकने पर लवप्रीत सिंह ने अपनी निराशा जाहिर की. उन्होंने ANI से कहा, 'मैं गोल्ड मेडल जीतने से चूक गया. स्वाभाविक रूप से, जब आप गोल्ड से चूकते हैं तो दर्द होता है. मैं एशियाई खेलों जैसी आने वाली प्रतियोगिताओं में और भी बेहतर प्रदर्शन करूंगा.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपना ये मेडल अपने कोच विजय शर्मा, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के सहदेव सर, भारत सरकार और भारतीय नौसेना के कैप्टन विजय कुमार को समर्पित करना चाहता हूं. इन सभी ने मेरा बहुत समर्थन किया है और मैं उन सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं.'
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सीमा कलीरामना ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज
ट्रैक एंड फील्ड से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई. महिला डिस्कस थ्रो कंपीटीशन के फाइनल में भारतीय एथलीट सीमा कलीरामना ने 58.65 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. सीमा के इस प्रदर्शन ने एथलेटिक्स में भारत के पदकों का खाता खोला.