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फीफा वर्ल्ड कप में मेसी का नया रिकॉर्ड, ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ अर्जेंटीना ने नॉकआउट में बनाई जगह

डलास में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराकर वर्ल्ड कप नॉकआउट राउंड में जगह बना ली. मेसी पहले एक पेनल्टी मिस कर बैठे, लेकिन इसके बाद उन्होंने दो गोल करके मिरोस्लाव क्लोसे को पीछे छोड़ दिया और वर्ल्ड कप के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन गए. उनका यह 17वां और 18वां वर्ल्ड कप गोल था.

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मेसी के दो गोल से अर्जेंटीना की लगातार दूसरी जीत मिली है (Photo: Reuters)
मेसी के दो गोल से अर्जेंटीना की लगातार दूसरी जीत मिली है (Photo: Reuters)

लियोनेल मेसी ने डलास में ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैच में वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. अर्जेंटीना के कैप्टन ने इस मैच में दो गोल किए और मिरोस्लाव क्लोसे को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. हालांकि मैच की शुरुआत में मेसी एक पेनल्टी मिस कर बैठे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए टीम को 2-0 से जीत दिलाई और अर्जेंटीना को नॉकआउट राउंड में पहुंचा दिया.

डलास में हुए इस मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना ऑस्ट्रिया से था. इस मैच में आने से पहले मेसी पहले ही 16 वर्ल्ड कप गोल कर चुके थे और मिरोस्लाव क्लोसे के रिकॉर्ड के बराबर खड़े थे. 

कुछ दिन पहले ही उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ अपने करियर की पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक भी लगाई थी. इस मैच में मेसी को सिर्फ एक गोल चाहिए था जिससे वो टूर्नामेंट के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन जाते. ऐसे में सबकी निगाहें उन्हीं पर थीं.

मैच की शुरुआत में ही अर्जेंटीना को पेनल्टी मिल गई. लॉटारो मार्टिनेज को बॉक्स के अंदर फाउल किया गया था और रेफरी ने पेनल्टी दे दी. स्टेडियम में मौजूद 70 हजार से ज्यादा लोग यह मानकर बैठे थे कि अब मेसी रिकॉर्ड बना ही देंगे. लेकिन मेसी की किक गोल पोस्ट के दाईं तरफ बाहर चली गई. यह देखकर सब हैरान रह गए. ऑस्ट्रिया के खिलाड़ियों ने इस मौके पर राहत की सांस ली, जबकि अर्जेंटीना के फैंस को थोड़ी निराशा हुई.

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लेकिन मेसी जैसे खिलाड़ी के साथ एक पल कभी पूरी कहानी नहीं होता. ऑस्ट्रिया की टीम ने बहुत अनुशासन के साथ डिफेंस किया और अर्जेंटीना के लिए मुश्किलें खड़ी कीं, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मिस हुई पेनल्टी ने सिर्फ कहानी को थोड़ा टाल दिया है, बदला नहीं है.

यह भी पढ़ें: वर्ल्ड कप के बीच ल‍ियोनेल मेसी पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता की गंभीर बीमारी पर परिवार की भावुक अपील

हाफ टाइम खत्म होने से ठीक पहले मेसी ने फिर मौका बनाया. बॉक्स के किनारे से बॉल लेकर उन्होंने थोड़ी जगह बनाई और एक शानदार किक से बॉल को गोलकीपर के ऊपर से कोने में पहुंचा दिया. यह वही अंदाज था जो मेसी के करियर के बड़े पलों में हमेशा दिखता रहा है. इसी गोल के साथ मेसी ने क्लोसे को पीछे छोड़ दिया और वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले इकलौते खिलाड़ी बन गए.

मेसी का यह रिकॉर्ड बहुत खास तरीके से बना. यह कोई आसान पेनल्टी गोल नहीं था, बल्कि ओपन प्ले में बनाया गया शानदार गोल था जिसमें मेसी की पूरी कला दिखी. यह उनका वर्ल्ड कप में 17वां गोल था. इसके साथ ही मेसी सिर्फ तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने लगातार छह वर्ल्ड कप मैचों में गोल किया हो. उनसे पहले फ्रांस के जस्ट फॉनटेन और ब्राजील के जायरजिन्हो ही यह कर पाए थे.

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हाफ टाइम के बाद ऑस्ट्रिया ने वापसी की कोशिश जारी रखी. सबित्जर ने फ्री किक से अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को टेस्ट किया, और मार्को अरनॉटोविच के मैदान में आने से ऑस्ट्रिया के अटैक में ताकत भी बढ़ी. लेकिन अर्जेंटीना की टीम कभी घबराई हुई नहीं दिखी.

मैच खत्म होने से ठीक पहले स्टॉपेज टाइम में मेसी ने दूसरा गोल भी कर दिया. उन्होंने राइट साइड से बॉल लेकर अंदर की तरफ ड्रिफ्ट किया और जूलियन अल्वारेज की तरफ बॉल बढ़ाई. अल्वारेज सही तरीके से बॉल को गोल में नहीं डाल पाए, लेकिन मेसी ने अपनी रनिंग जारी रखी हुई थी. जैसे ही बॉल लूज हुई, मेसी ने मौका भांपते हुए बॉल को गोल में डाल दिया. यह उनका वर्ल्ड कप का 18वां गोल था और इस टूर्नामेंट में उनका पांचवां गोल भी था.

इस गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद फैंस ने मेसी के नाम के नारे लगाना शुरू कर दिया. मैच खत्म होने के साथ ही अर्जेंटीना का ग्रुप जे में लगातार दूसरी जीत भी पक्की हो गई, जिससे टीम बिना कोई मैच हारे नॉकआउट राउंड में पहुंच गई. इस जीत ने यह भी साफ कर दिया कि डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना अब भी इस वर्ल्ड कप को जीतने के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल है. अर्जेंटीना अब अपना आखिरी ग्रुप मैच 27 जून को जॉर्डन के खिलाफ खेलेगा. 

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