How to Make Singori: बर्फी-पेड़ा सब जाएंगे भूल! 15 मिनट में घर पर बनाएं कुमाऊं की मशहूर सिंगोड़ी मिठाई, बेहद आसान है तरीका
उत्तराखंड की पारंपरिक मिठाई सिंगोड़ी को अपने घर पर आसानी से बना सकते हैं. इसके लिए आपको बस मावा, नारियल और इलायची चाहिए. इस क्रीमी मिठाई को मालू के पत्तों में लपेटकर परोसा जाता है. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
How to Make Singori at Home: भारत के हर राज्य की अपनी कोई न कोई खास मिठाई होती है, जो वहां की संस्कृति और स्वाद का प्रतीक होती है. देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक ऐसी ही पारंपरिक और अनोखी मिठाई है सिंगोड़ी. अगर आपने एक बार ये मिठाई चख ली, तो आप इसके क्रीमी और लाजवाब स्वाद के दीवाने हो जाएंगे.
इस मिठाई की सबसे अनोखी बात यह है कि इसे मालू के पत्तों में लपेटकर शंकु के आकार में परोसा जाता है. मालू के पत्तों की वजह से इस मिठाई में एक खास और भीनी-भीनी खुशबू आ जाती है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देती है.
आइए जानते हैं कि आप उत्तराखंड की इस पारंपरिक मिठाई को घर पर आसानी से कैसे बना सकते हैं.
सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही में कद्दूकस किया हुआ ताजा खोया डालें. इसे धीमी से मीडियम गैस पर लगातार चलाते हुए भूनें.
खोए को तब तक भूनना है जब तक कि यह हल्का सा घी न छोड़ने लगे और इसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए. ध्यान रहे, इसे ज्यादा डार्क ब्राउन नहीं करना है.
जब खोया अच्छी तरह भुन जाए, तो आंच को बिल्कुल स्लो कर दें. अब इसमें नारियल का बूरा और हरी इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें.
इन चीजों को खोए के साथ 1 से 2 मिनट के लिए और भूनें ताकि इलायची और नारियल का स्वाद खोए में अच्छी तरह समा जाए.
अब गैस बंद कर दें और मिक्सर को थोड़ा गुनगुना होने के लिए छोड़ दें. जब मिक्सर हल्का गर्म रह जाए, तब इसमें चीनी या बूरा मिलाएं.
मालू के पत्तों को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें. अब इन पत्तों को मोड़कर एक कोन या कुल्फी जैसा आकार बना लें.
इन्हें फिक्स करने के लिए आप छोटी टूथपिक का इस्तेमाल कर सकते हैं.अब तैयार खोए के मिक्सर को थोड़ा-थोड़ा लेकर इन पत्तों के कोन के अंदर अच्छी तरह दबाकर भर दें.
ऊपर से इसे चम्मच से प्लेन कर दें. इसे सेट होने के लिए 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. क्योंकि ठंडी-ठंडी सिंगोड़ी का मजा दोगुना हो जाता है.
स्वाद बढ़ाने के लिए खास टिप्स
सिंगोड़ी का असली स्वाद तभी आता है जब खोया बिल्कुल शुद्ध और ताजा हो.
अगर आपके पास मालू के पत्ते नहीं हैं, तो केले के पत्तों को छोटे चौकोर टुकड़ों में काटकर कोन बना सकते हैं, इससे भी बहुत बढ़िया फ्लेवर आता है.