नॉर्वे की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अच्छा प्रदर्शन किया है. कोच स्टाले सोलबक्केन के मार्गदर्शन में टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतकर नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की कर ली थी. अब नॉकआउट मुकाबले में यह टीम शानदार प्रदर्शन करना चाहेगी. स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड की मौजूदगी इस टीम के अटैक को और मजबूत बनाती है.
सेनेगल पर 3-2 की रोमांचक जीत के बाद जहां खिलाड़ी और प्रशंसक जश्न में डूबे नजर आए, वहीं सोशल मीडिया पर एक अलग ही नाम छा गया. यह नाम था स्टाले सोलबक्केन की 22 वर्षीय बेटी इडा सोलबक्केन का. मैच खत्म होने के बाद स्टाले और उनकी पत्नी अन्निकेन की भावुक तस्वीरें सामने आईं.
एक फोटो में स्टाले सोलबक्केन अपनी पत्नी को चूमते नजर आ रहे हैं. इडा सोलबक्केन ने भी इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, 'इससे बड़ा पल नहीं हो सकता.' बस फिर क्या था, फुटबॉल फैन्स की नजरें इडा पर टिक गईं.
इडा सोलबक्केन पेशे से मेडिकल स्टूडेंट हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है. उनकी तस्वीरें, ट्रैवल पोस्ट, फिटनेस, लाइफस्टाइल लोगों को खूब पसंद आते हैं. इंस्टाग्राम पर इडा के हजारों फॉलोअर्स हैं और वर्ल्ड कप के दौरान उनकी लोकप्रियता में और इजाफा देखने को मिला है.

हालांकि सोलबक्केन परिवार की कहानी सिर्फ सफलता और सुर्खियों तक सीमित नहीं है. साल 2001 में स्टाले सोलबक्केन की जिंदगी में ऐसा दौर आया था, जिसने सबकुछ बदल दिया. डेनमार्क के क्लब कोपेनहेगन के लिए ट्रेनिंग के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. हालत इतनी गंभीर थी कि कुछ समय के लिए उन्हें क्लिनिकली मृत घोषित कर दिया गया था. बाद में डॉक्टरों की कोशिशों से उनकी जान बच सकी.
इस घटना के बाद स्टाले सोलबक्केन को फुटबॉल को अलविदा कहना पड़ा था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, कोचिंग की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे खुद को यूरोप के सम्मानित कोचों में शामिल कर लिया. आज वही स्टाले सोलबक्केन नॉर्वे को विश्व कप में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.
वहीं उनकी बेटी इडा सोलबक्केन भी अब इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. नॉर्वे की टीम मैदान पर जीत हासिल कर रही है, जबकि सोशल मीडिया पर इडा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं. वर्ल्ड कप के इस सफर में सोलबक्केन परिवार की कहानी भी प्रशंसकों को खूब प्रेरित कर रही है.