FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने फ्रांस के स्टार फुटबॉलर कीलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने साफ कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद और किसी भी तरह के भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिया ने सोशल मीडिया पर एम्बाप्पे को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां की. पोस्ट वायरल होने के बाद दुनियाभर में इसकी आलोचना हुई और कई खिलाड़ियों एवं संगठनों ने एम्बाप्पे के समर्थन में आवाज उठाई.
इन्फेंटिनो ने कहा, 'हम किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणियों की पूरी तरह निंदा करते हैं. फीफा हर खिलाड़ी के सम्मान, समानता और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.'
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एम्बाप्पे ने भी इन टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें 'घृणित' बताया. वहीं, फ्रेंच फुटबॉल महासंघ (FFF) ने कानूनी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है.
COMMUNIQUÉ DE LA FFF :
— FFF (@FFF) July 6, 2026
Les propos racistes de la Sénatrice paraguayenne Celeste Amarilla visant Kylian Mbappé sont totalement abjects et inacceptables. Comment peut-on tenir un tel discours ? Ces propos sont délictueux et condamnables. Ils doivent être poursuivis ici comme… pic.twitter.com/AMVDvfrrYD
फ्रांस सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी एम्बाप्पे का समर्थन किया, जबकि पराग्वे सरकार ने सीनेटर की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए उनकी आलोचना की.
पराग्वे सरकार ने भी सीनेटर अमारिला के बयान से खुद को अलग कर लिया और स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां ना तो देश के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं और न ही सरकार के आधिकारिक रुख को दर्शाती हैं.
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विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सीनेटर अमारिला की टिप्पणियां शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, आपसी सम्मान और मानव गरिमा के सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिन पर पराग्वे की नीतियां और मूल्य आधारित हैं. यह मामला एक बार फिर खेल जगत में नस्लवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चर्चा में आ गया है.