साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में फैसला टल गया है. कड़कड़डूमा कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुनाने के लिए नई तारीख 13 जुलाई तय की है. अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में दंगों के दौरान हुई थी. दंगों के बीच वह लापता हो गए थे.
इसके बाद में उनका शव एक नाले से बरामद किया गया था. इस घटना ने पूरे देश में व्यापक चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया था. इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी हैं. सभी के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है. अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 13 जुलाई को फैसला सुनाएगी.
अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के आधार पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में इस मामले की एफआईआर दर्ज की गई थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने विस्तृत जांच करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है.
इनमें धारा 109, 114, 147, 148, 149, 436, 153A, 505, 365, 302, 201, 120B और 34 शामिल हैं. इन धाराओं में हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, आगजनी, अपहरण, सबूत मिटाने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है.
गौरतलब है कि अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चाकू के कई निशान मिले थे. उनके पेट और सीने में चाकू मारा गया था. उनके परिवारवालों ने अपने बेटे की मौत के लिए आम आदमी पार्टी के पार्षद हाजी ताहिर हुसैन पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद पुलिस ने ताहिर के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था.