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'अब एक-दो गियर ऊपर खेलना है...', विराट कोहली ने जता दिए अपने इरादे, तूफानी शतक का खोला राज

पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली की नजरें अब किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने और टीम के लिए उपयोगी योगदान देने पर है. वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय पारी में उनके नए और आक्रामक अंदाज की झलक दिखी.

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विराट कोहली का फोकस माइलस्टोन पर नहीं, दिख रहा नया अवतार! (Photo: PTI)
विराट कोहली का फोकस माइलस्टोन पर नहीं, दिख रहा नया अवतार! (Photo: PTI)

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में 15 हजार रनों का आंकड़ा छूने के साथ ही सचिन तेंदुलकर के साथ खास क्लब में जगह बना ली. इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के बाद कोहली ने जो बयान दिया, वो काफी खास रहा. इस स्टार बल्लेबाज का कहना है कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड और उपलब्धियां कभी उनके लक्ष्य का हिस्सा नहीं रही हैं. रविवार (27 सितंबर) को वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में शतकीय पारी खेलने वाले किंग कोहली ने कहा कि उनका ध्यान हमेशा टीम के लिए अपना काम करने पर रहा है.

मैच के बाद बातचीत में विराट कोहली ने कहा, 'मेरा फोकस कभी इन माइलस्टोन पर नहीं रहा. मैं सिर्फ परिस्थितियों को समझने और टीम के लिए अपना काम करने पर ध्यान देता हूं. उपलब्धियां इसके साथ आती रहती हैं.' वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने महज 88 गेंदों पर ही नाबाद 139 रन बना दिए. उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे. उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 296 रनों का लक्ष्य 41.4 ओवर्स में हासिल कर लिया.

ईश्वर का आभारी हूं: कोहली
विराट कोहली ने अपनी सफलता को लेकर कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि इतने लंबे समय तक भारत के लिए खेलने का मौका मिला है. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत आभारी और खुद को भाग्यशाली महसूस करता हूं कि इतने लंबे समय तक खेल पाया. बस सिर झुकाकर मेहनत करना और उन सभी चीजों के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करना, जिनसे मुझे जीवन में यहां तक पहुंचने का मौका मिला.'

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विराट कोहली ने यह भी कहा कि क्रिकेट खेलने का मौका मिलना अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि बहुत से खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचने का सपना देखते हैं. ऐसे में वह हर दिन मेहनत करते रहना चाहते हैं. कोहली ने बताया कि करियर के इस पड़ाव पर खुद को ज्यादा आक्रामक अंदाज में खेलने के लिए तैयार करना उनके लिए एक चुनौती रहा है.

उन्होंने कहा, 'सबसे पहले आपको अपने खेल को समझना होता है. जिस मुकाम पर मैं हूं, वहां खुद को शारीरिक रूप से फिट रखना भी जरूरी है, क्योंकि खेल काफी हद तक दिमाग में होता है.' विराट कोहली ने कहा कि अब उनका जोर मानसिक रूप से तरोताजा रहने, मौजूदा पल में रहने और ज्यादा आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के नए तरीके को लगातार अपनाने पर है.

कोहली तलाश रहे नया वर्जन
विराट कोहली ने आगे कहा, 'मेरे लिए इस समय चुनौती है कि मैं अपनी बल्लेबाजी में एक-दो गियर ऊपर जाऊं. इस पर काम करना मेरे लिए रोमांचक रहा है.' कोहली ने कहा कि अपने करियर के इस चरण में बल्लेबाजी का नया तरीका तलाशना उन्हें उत्साहित करता है. उनके मुताबिक इसका फायदा भारत और आईपीएल में उनकी टीम दोनों को मिल सकता है.

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विराट कोहली ने बताया, 'जब करियर के इस पड़ाव पर आपको खुद का एक नया वर्जन तलाशना होता है तो यह रोमांचक होता है. इससे आप जिस भी टीम के लिए खेलते हैं, उसे फायदा होता है. मेरे लिए खुले दिमाग से खेलना काफी मददगार रहा है.'

विराट कोहली ने अपनी फिटनेस को भी अपने मौजूदा बल्लेबाजी अंदाज का अहम हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि खुले दिमाग से खेलने के लिए शरीर का फिट रहना जरूरी है. उनके मुताबिक जब वह शारीरिक रूप से फिट होते हैं तो मैदान पर अपने खेल की बेहतर कल्पना कर पाते हैं और उसी के मुताबिक शॉट्स को अंजाम दे सकते हैं.

विराट कोहली ने यह भी कहा कि क्रिकेटर के लिए यह याद रखना जरूरी है कि उसने अपना सफर कहां से शुरू किया था. उनके मुताबिक लगातार मिलने वाली लोकप्रियता, शोहरत और प्रशंसकों के प्यार के बीच खिलाड़ी कभी-कभी अपनी शुरुआत भूल सकता है. उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर भारत के लिए खेलने तक के सफर को पीछे मुड़कर देखना उन्हें हमेशा आभारी महसूस कराता है.

अपने गेम का लुत्फ ले रहे कोहली
विराट कोहली ने कहा, 'मैं भारत के लिए मैदान पर बिताए हर मिनट का आनंद लेता हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि ऐसा भी हो सकता था कि मैं यहां तक पहुंच ही नहीं पाता और भारत के लिए खेल ही नहीं पाता.' 37 वर्षीय कोहली ने कहा कि अब जब वह भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेल रहे हैं, तो उनके लक्ष्य भी काफी स्पष्ट हैं.

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क्रिकेट विश्व कप 2027 को ध्यान में रखते हुए वह आने वाले मुकाबलों में खुद को लगातार चुनौती देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि फिटनेस बनाए रखने के साथ-साथ वह मैच के आखिरी 15 ओवरों में भी लगातार बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ने, इनर रिंग में फील्डिंग करने और अपनी पूरी ऊर्जा दिखाने पर ध्यान देना चाहते हैं.

विराट कोहली ने कहा कि अब जब भी भारत के लिए खेलने का मौका मिलता है तो वह दबाव महसूस करने के बजाय उसका आनंद लेना चाहते हैं. कोहली ने बताया, 'मैं सकारात्मक तरीके से खेलना जारी रखूंगा, लेकिन लापरवाही नहीं करूंगा. सकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलने के बीच एक महीन अंतर है. एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर मेरी कोशिश होगी कि मैं इसे समझते हुए टीम को मैच जिताऊं.'

वेस्टइंडीज के खिलाफ 139 रनों की पारी के साथ विराट कोहली ने यह भी दिखाया कि वनडे क्रिकेट में उनका नया आक्रामक अंदाज किस तरह टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. 15 हजार रनों के माइलस्टोन के बाद भी उनका जोर रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करने पर है.

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