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'मैं माफ कर सकती हूं, लेकिन भूलती कभी नहीं!', स्मृति मंधाना का छलका दर्द, कहा- मुझे बेचारी मत समझो

क्रिकेट के मैदान पर स्मृति मंधाना बल्ला थामती हैं तो दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं. भारत की उप-कप्तान मंधाना ने अपने बारे में हाल ही में कुछ जरूरी बातों का जिक्र किया है.

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मंधाना ने खोला बड़ा राज. (PHOTO: Reuters/Screengrab)
मंधाना ने खोला बड़ा राज. (PHOTO: Reuters/Screengrab)

भारतीय महिला टीम रविवार यानी 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप का फाइनल मुकाबला खेलने वाली है. इस मैच में स्मृति मंधाना से टीम को एक बड़ी पारी की उम्मीद होगी. लेकिन मैच से ठीक पहले मंधाना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. 

स्मृति मंधाना ने अपने करियर में कई बेहतरीन पारियां खेली हैं. स्मृति मंधाना ने अब तक महिला टी20 इंटरनेशनल में 175 मैचों में खेलते हुए 30.46 की औसत से 4692 रन बनाए हैं. फाइनल मुकाबले में मंधाना एक बार फिर बल्ले से दमखम दिखाना चाहेगी. 

मैदान पर हमेशा शांत दिखने वाली स्मृति के अंदर एक ऐसा दर्द और गुस्सा छिपा है, जिसके बारे में उन्होंने हाल ही में खुलकर बात की. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान जब स्मृति से उनकी जिंदगी की सबसे कठिन रात के बारे में पूछा गया तो वह थोड़ी देर के लिए चुप हो गईं. उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर वह दर्द साफ झलक रहा था. 

मंधाना ने पर्सनल लाइफ पर बात करने से बचते हुए बस इतना कहा कि वह सिर्फ क्रिकेट पर बात करना चाहती हैं. वह मुश्किल रात शायद किसी वर्ल्ड कप के दौरान की थी. उन्होंने कोरोना के समय को भी अपनी जिंदगी का एक बेहद कठिन दौर बताया.

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पलाश मुच्छल के साथ टूट गई थी शादी

पलाश मुच्छल के साथ मंधाना की शादी की चर्चाएं और उनके टूटने की खबरों के बीच स्मृति ने कभी इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा. इस इंटरव्यू में भी उन्होंने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच एक मजबूत दीवार बनाए रखी और अपने खेल पर ही पूरा फोकस रखा.

स्मृति ने हंसते हुए और बहुत ही बेबाकी से माना कि भले ही बाहर से लोग उन्हें शांत और सरल समझते हैं. लेकिन उनके अंदर बहुत गुस्सा है. हालांकि, वह इसका इजहार करके किसी से बदला लेने में विश्वास नहीं रखतीं. उन्हें किसी से हमदर्दी की उम्मीद नहीं रहती और ना ही वह चाहती है कि उन्हें कोई बेचारी समझने की कोशिश करें. 

क्या लोगों को माफ कर देती हैं मंधाना?

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लोगों को आसानी से माफ कर देती हैं तो उनका जवाब बहुत ही दमदार था. उन्होंने कहा कि मैं माफ कर सकती हूं, लेकिन भूलती नहीं हूं. इसका मतलब साफ है कि वह बिना किसी से झगड़ा किए आगे बढ़ना जानती हैं, पर उनके साथ किसने क्या किया, यह वह कभी नहीं भूलतीं.

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