स्मृति मंधाना ने महिला क्रिकेट में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जहां पहुंचना किसी भी बल्लेबाज के लिए सपने जैसा होता है. हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ महिला टी20 एशिया कप में तूफानी पारी खेलते हुए मंधाना ने सिर्फ अपनी टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचाया, बल्कि मिताली राज के लंबे समय से कायम सबसे बड़े रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लिया.
मंधाना के इंटरनेशनल क्रिकेट में अब 10,880 रन हो गए हैं. इसके साथ ही वह महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं. उन्होंने भारत की दिग्गज मिताली राज के 10,868 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. यानी जिस रिकॉर्ड पर लंबे समय तक मिताली का राज था, अब वहां मंधाना का नाम दर्ज हो चुका है.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. मंधाना ने इसी पारी के दौरान एक और बड़ा इतिहास रच दिया.
18 शतक... दुनिया की सबसे बड़ी सेंचुरी मशीन
मंधाना के इंटरनेशनल शतकों की संख्या अब 18 हो गई है. महिला क्रिकेट में अब उनसे ज्यादा शतक किसी बल्लेबाज के नाम नहीं हैं.
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोलवार्ट को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 17-17 इंटरनेशनल शतक हैं.
मंधाना के 18 शतकों में 14 वनडे, 2 टेस्ट और 2 टी20 इंटरनेशनल शतक शामिल हैं.
यानी रन बनाने के मामले में नंबर-1 बनने के साथ-साथ मंधाना अब शतकों के मामले में भी महिला क्रिकेट की नंबर-1 बल्लेबाज हैं.
टी20 में भी मंधाना का नया राज
हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ मंधाना ने भारतीय महिला क्रिकेट में टी20 इंटरनेशनल का अपना ही सबसे बड़ा स्कोर बेहतर कर दिया.
अब उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 124 रन है. इससे पहले भारत के लिए महिला टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी मंधाना के ही नाम था, जब उन्होंने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 112 रन बनाए थे.
इस पारी ने उन्हें एक और खास मुकाम दिया. मंधाना अब एक से ज्यादा टी20 इंटरनेशनल शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज हैं.
भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में शतक लगाने वाली दूसरी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर हैं, जिन्होंने 2018 टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रन बनाए थे.
छक्कों में भी हरमनप्रीत को पीछे छोड़ा
मंधाना का बल्ला सिर्फ चौकों और शतकों तक सीमित नहीं रहा. हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ उन्होंने 7 छक्के लगाए और इसी के साथ टी20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली महिला बल्लेबाज बन गईं.
उनके नाम अब 95 टी20 इंटरनेशनल छक्के हैं.
इस मामले में उन्होंने हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ा. दुनिया में भी मंधाना का यह आंकड़ा चौथे नंबर पर है.
एक पारी में 7 छक्के लगाना भारत के लिए भी खास उपलब्धि है. वह हरमनप्रीत के 8 छक्कों के बाद इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं.
मिताली के साथ एक और बड़ी बराबरी
मंधाना ने सिर्फ रन और शतक के रिकॉर्ड पर कब्जा नहीं किया. इंटरनेशनल क्रिकेट में 50 से ज्यादा रन बनाने वाली पारियों के मामले में भी वह मिताली राज के बराबर पहुंच गई हैं.
मंधाना के नाम अब 93 फिफ्टी-प्लस स्कोर हैं. महिला क्रिकेट में इस मामले में मिताली और मंधाना संयुक्त रूप से सबसे आगे हैं.
भारत की पारी का करीब दो-तिहाई हिस्सा अकेले मंधाना का
मंधाना की पारी की सबसे बड़ी खासियत यह भी रही कि उन्होंने भारत के कुल स्कोर का बड़ा हिस्सा अकेले बना दिया.
भारत ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 193/5 का स्कोर खड़ा किया और इसमें मंधाना के 124 रन थे. यानी भारत के कुल स्कोर का 64.25 प्रतिशत हिस्सा अकेले मंधाना के बल्ले से आया.
भारत की किसी बल्लेबाज का एक पूरी हुई पारी में इससे ज्यादा प्रतिशत योगदान सिर्फ हरमनप्रीत कौर का है. उन्होंने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के 62 रनों में 41 रन बनाए थे.
भारत ने भी छक्कों की बराबरी की
मंधाना के तूफान का असर टीम के स्कोर पर भी साफ दिखाई दिया. भारत ने हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ कुल 9 छक्के लगाए- मंधाना के बल्ले से 7 और शफाली वर्मा के बल्ले से 2.
भारत का यह किसी महिला टी20 इंटरनेशनल पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्कों का आंकड़ा है. इससे पहले भारत ने 2022 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डीवाई पाटिल स्टेडियम में भी 9 छक्के लगाए थे.
एशिया कप में भी मंधाना ने छोड़ी छाप
मंधाना की यह पारी महिला टी20 एशिया कप में भी ऐतिहासिक बन गई. उनका 124 रन का स्कोर अब टूर्नामेंट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है.
इससे पहले चामरी अटापट्टू के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2024 में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे.
वहीं भारत का 193/5 का स्कोर महिला टी20 एशिया कप का दूसरा सबसे बड़ा टीम स्कोर है. इस मामले में भी रिकॉर्ड भारत के ही नाम है- उसने 2024 में यूएई के खिलाफ 201/5 बनाए थे.
एक पारी ने बदल दिया महिला क्रिकेट का रिकॉर्ड पन्ना
मंधाना की हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ यह पारी इसलिए खास नहीं है कि उन्होंने शतक लगाया. इसकी असली अहमियत यह है कि इस एक धमाके के साथ उन्होंने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड्स पर अपनी मुहर लगा दी.
मिताली राज के दौर में बनाए गए रिकॉर्ड्स पर अब स्मृति मंधाना का नाम लिखा जा रहा है. महिला क्रिकेट में एक महान युग के बाद दूसरे महान युग के आने की कहानी शायद इससे बेहतर तरीके से नहीं लिखी जा सकती.