जिम्बाब्वे दौरे के लिए संजू सैमसन को भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं मिलने पर बहस लगातार तेज होती जा रही है. BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने साफ किया था कि संजू ड्रॉप नहीं हुए, बल्कि युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए उन्हें आराम दिया गया है. अब भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस फैसले पर अपने ही अंदाज में सवाल उठाए हैं. अश्विन ने पहले तो संजू की नकल करते हुए मजाकिया अंदाज में इस फैसले पर तंज कसा. फिर अश्विन ने चेतावनी दी कि लगातार खिलाड़ियों को टीम से अंदर-बाहर करने की नीति ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा पैदा कर सकती है.
संजू सैमसन के लिए पिछले कुछ सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं. कुछ समय पहले ही वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के हीरो रहे थे. हालांकि, आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तीन पारियों में सिर्फ 6 रन बनाने के बाद उन्हें नॉटिंघम टी20I के लिए प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली.
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब शो में कहा, 'मुझे कोई आराम नहीं चाहिए. अगर जरूरत पड़ी तो मैं अपनी मां, पिता और पत्नी को भी अपने साथ जिम्बाब्वे ले जाऊंगा. मैं वहां खेलना चाहता हूं. मैं कभी बुलावायो नहीं गया. वह एक गौरवशाली क्रिकेटिंग नेशन है. मैंने देखा था कि 1999 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने भारत को हराया था. मैं उसका बदला लेना चाहता हूं. प्लीज मुझे वहां ले जाइए, मुझे आराम नहीं चाहिए.'
'संजू के बाद अगला कौन?'
अश्विन के इस मजाकिया अंदाज ने सोशल मीडिया पर फैन्स का ध्यान खींचा. अश्विन ने सवाल किया कि अगर कुछ खराब मुकाबलों के बाद किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया जाता है तो इससे बाकी खिलाड़ियों के मन में भी असुरक्षा पैदा हो सकती है. अश्विन ने कहा, 'अगला कौन है? आयरलैंड में दो हार और खराब फॉर्म के बाद संजू सैमसन को बाहर बैठा दिया गया. अब हम इंग्लैंड में भी दो मैच हार चुके हैं. तो अगला कौन है? यह वास्तव में गलत है.'
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उन्होंने आगे बताया, 'मुझे उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेटर खुद को असुरक्षित स्थिति में महसूस नहीं करेंगे. मैंने पहले सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने पर भी बात की थी. खिलाड़ी अपने बारे में ज्यादा सोचना शुरू कर देंगे. वे टीम से ज्यादा खुद के बारे में सोचेंगे. टी20 क्रिकेट में यह विनाशकारी हो सकता है.'
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि अगर खिलाड़ियों को यह डर सताने लगे कि कुछ खराब पारियों के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा तो इसका सीधा असर उनके खेलने के तरीके पर पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'अगर बल्लेबाज यह सोचने लगें कि रन नहीं बनाए तो मुझे बाहर बैठा दिया जाएगा, फिर वे अपनी जगह बचाने के लिए खेलना शुरू कर देंगे. यह बेहद खतरनाक है.'
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अश्विन ने संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उन्हें भविष्य में दोबारा मौका मिलता है तो संभव है कि वह भी टीम के बजाय अपनी जगह बचाने के बारे में सोचें. उन्होंने कहा, 'कल्पना कीजिए कि संजू सैमसन को फिर मौका मिलता है. वह अपने बारे में सोचना शुरू कर सकते हैं और आप यह भी नहीं कह सकते कि ऐसा करना गलत है. मुझे उम्मीद है कि टीम मैनेजमेंट इसका कोई समाधान निकालेगा.'
अश्विन ने खिलाड़ियों को मौका देने के मामले में टीम मैनेजमेंट के अलग-अलग पैमानों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में साई सुदर्शन को लंबा मौका देने की बात का उदाहरण दिया. अश्विन ने कहा, 'जब टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट में साई सुदर्शन को लंबा मौका देने की बात की थी तो क्या कहा गया था? उन्होंने कहा था कि आप किसी खिलाड़ी को चार मैचों में जज नहीं कर सकते. इस बात को एक महीना भी नहीं हुआ है. कमाल है. फिर संजू सैमसन कहां खड़े हैं? हां, आप सभी खिलाड़ियों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर सकते, लेकिन कम से कम उन्हें दो और मौके तो दिए जा सकते थे. मुझे उम्मीद है कि यह असुरक्षा टीम में नहीं फैलेगी.'
गंभीर ने संजू को लेकर क्या कहा?
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी हाल ही में संजू सैमसन को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी थी. गंभीर ने संकेत दिया था कि संजू को टीम से बाहर रखने के पीछे उनकी मौजूदा फॉर्म एक वजह है. गंभीर ने कहा था, 'संजू को लेकर हमारी सोच बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने भारत के लिए जो किया है, वह शानदार रहा है, लेकिन कभी-कभी आपको किसी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म भी देखनी पड़ती है. ऐसा कोई तय नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते.'
अश्विन ने सबसे बड़ा सवाल सैमसन को 'रेस्ट' दिए जाने की दलील पर उठाया. उनका कहना है कि जब संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 क्रिकेट खेल रहे हैं तो फिर उन्हें आराम देने की जरूरत क्यों पड़ी. अश्विन ने कहा, 'रेस्ट का मतलब क्या है? ऐसा कोई लिखित नियम नहीं है कि इन दौरों पर दूसरे खिलाड़ियों को मौका देना ही है. संजू सैमसन क्या खेलते हैं? वह सिर्फ टी20 खेलते हैं, टेस्ट और वनडे नहीं. फिर उन्हें आराम देने का क्या मतलब है? वह जिम्बाब्वे दौरे के बाद आराम कर सकते हैं. तिरुवनंतपुरम में उनका बहुत अच्छा घर है. वह आराम क्यों करेंगे? वह सिर्फ टी20 खेल रहे हैं. उन्हें आराम क्यों चाहिए? मैं और क्या कह सकता हूं? यह अनुचित है, लेकिन जो है सो है.'