scorecardresearch
 

विराट-रोहित के सामने Team India में पहला दिन… आकाश दीप ने सुनाया वो पल

Panchayat Aajtak Bihar 2026: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाश दीप ने बताया कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ के सामने टीम में पहली बार शामिल होने पर उन्हें बहुत घबराहट हुई थी. नियम के तहत नए खिलाड़ी को स्पीच देनी होती है, और आकाश दीप को उस वक्त लगा कि वे कुछ बोल ही नहीं पाएंगे.

Advertisement
X
आकाश दीप ने बताया कि टीम इंडिया में पहली स्पीच देते वक्त घबरा गए थे (Photo: ITG)
आकाश दीप ने बताया कि टीम इंडिया में पहली स्पीच देते वक्त घबरा गए थे (Photo: ITG)

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाश दीप ने अपने पहले दिन की कहानी सुनाई, जब वे विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों के सामने पहली बार टीम इंडिया में शामिल हुए थे. यह बात उन्होंने पटना में आयोजित पंचायत आजतक के मंच से "खेलोगे कूदोगे बनोगे नवाब" सत्र में बताई. आकाश दीप ने बताया कि उस समय उनके अंदर इतना डर था कि उन्हें लगा कि दिल का दौरा पड़ जाएगा, क्योंकि टीम में पहली बार चुने जाने पर स्पीच देने का नियम होता है.

आकाश दीप ने बताया कि उनके गांव में बड़ों का सम्मान करना, अनुशासन में रहना और पैर छूना जैसी बातें बहुत गहराई से सिखाई जाती थीं. जब वे पहली बार स्टेट टीम के लिए खेले थे, तब भी टीम में कुछ पूर्व भारतीय खिलाड़ी थे, लेकिन वे संन्यास ले चुके थे. लेकिन जब उनका चयन टीम इंडिया में हुआ, तो सामने विराट कोहली, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ जैसे नाम थे. उन्होंने कहा कि इतने बड़े खिलाड़ियों के सामने वे उनका पैर भी नहीं छू पा रहे थे, क्योंकि वहां का माहौल अलग था.

उन्होंने बताया कि टीम में पहली बार चुने जाने पर एक नियम के तहत नए खिलाड़ी को अपने बारे में कुछ बोलना पड़ता है. उस वक्त राहुल द्रविड़ ने उनसे सिर्फ यह पूछा कि यहां तक पहुंचने की उनकी यात्रा कैसी रही और उन्हें कैसा महसूस हो रहा है. आकाश दीप ने जवाब दिया कि इस भावना को शब्दों में बताना नामुमकिन है, क्योंकि यह सिर्फ एक इमोशन है. उन्होंने कहा कि वे ऐसे गांव में पैदा हुए जहां क्रिकेट खेलना एक अपराध जैसा माना जाता था, और आज उसी खेल की वजह से उन्हें उसी देश में इतना सम्मान मिल रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए तेज गेंदबाज बन गए आकाश दीप! सुनिए अनसुनी कहानी

आकाश दीप ने यह भी बताया कि जब भी वे बड़े खिलाड़ियों और बड़ी टीमों को देखते हैं, तो उनका आत्मविश्वास कम होने के बजाय और बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि बचपन से उनके अंदर यह खासियत रही है, जिसने उन्हें हर मुश्किल मौके पर मजबूत बनाया और बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement