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पाकिस्तानी टीम को मिला रफ्तार का नया सितारा, डेब्यू पर जो रूट को किया ढेर, वकार यूनुस से हो रही तुलना

पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने इंटरनेशनल डेब्यू पर जो रूट जैसे दिग्गज बल्लेबाज को अपनी रफ्तार से चौंका दिया. 21 साल के रजाउल्लाह उन क्रिकेटर्स में शामिल हैं, जिन्हें बर्मिंघम टेस्ट से पहले पाकिस्तानी स्क्वॉड में शामिल किया गया था.

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रजाउल्लाह का डेब्यू टेस्ट मैच, चौथी गेंद पर झटका विकेट. (Photo: AFP)
रजाउल्लाह का डेब्यू टेस्ट मैच, चौथी गेंद पर झटका विकेट. (Photo: AFP)

क्रिकेट जगत में एक समय पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों की तूती बोलती थी. वसीम अकरम, वकार यूनुस, इमरान खान और शोएब अख्तर जैसे स्टार्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया. हालांकि पिछले कुछ सालों से पाकिस्तानी टीम में ऐसे तेज गेंदबाज का अभाव दिखा है जो अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों में खौफ पैदा कर सके. अब पाकिस्तानी टीम के लिए 21 वर्षीय रजाउल्लाह ने नई उम्मीद जगाई है. रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट के पहले दिन (9 सितंबर) अपने टेस्ट डेब्यू पर ऐसी गेंदबाजी की, जिससे उनकी तुलना वकार यूनुस से होने लगी.

मरदान के इस युवा तेज गेंदबाज ने अपने टेस्ट करियर की चौथी ही गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को एलबीडब्ल्यू दिया. रजाउल्लाह की सबसे खास बात उनकी गति रही. शुरुआती दो ओवर में उन्होंने 92 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार हासिल की और उनकी गेंदबाजी की गति 89 मील प्रति घंटे से नीचे नहीं गई. उनकी गेंदों में तेजी के साथ वह आक्रामकता भी दिखाई दी, जिसकी पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी आक्रमण को लंबे समय से जरूरत रही है. दिन के अंतिम हिस्से में उन्होंने सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे को भी बोल्ड कर दिया. इस तरह अपने पहले ही टेस्ट दिन में उन्होंने दो विकेट हासिल कर लिए.

रजाउल्लाह को इंग्लैंड दौरे पर सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तानी टीम में शामिल किया गया था. लगातार दो टेस्ट मैचों में मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बड़े बदलाव किए. बोर्ड ने मुख्य कोच सरफराज अहमद को हटा दिया और सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया. रजाउल्लाह उन खिलाड़ियों की जगह टीम में शामिल किए गए पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों में से एक थे. अचानक मिले इस मौके को उन्होंने एजबेस्टन के मैदान पर पूरी तरह भुनाया.

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घरेलू टूर्नामेंट में किया शानदार प्रदर्शन
रजाउल्लाह का इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर बेहद छोटा लेकिन तेजी से आगे बढ़ने वाला रहा है. मरदान की जिला टीम के लिए खेलते हुए पेशावर रीजन के कोच अब्दुल रहमान की नजर उन पर पड़ी. इसके बाद उन्हें पेशावर रीजन की ओर से कायदे-आजम ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला. 2025-26 के अपने पहले कायदे-आजम ट्रॉफी सीजन में उन्होंने आठ मैचों में 30 विकेट चटकाए. खास बात यह रही कि गेंदबाजी के साथ उन्होंने बल्ले से भी अपनी उपयोगिता साबित की. एक मैच में उन्होंने अर्धशतक और दूसरे में शतक लगाया.

इसके बाद उन्हें पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में रावलपिंडीज लिए खेलने का मौका मिला. नेशनल क्रिकेट अकादमी में अभ्यास के दौरान पीसीबी के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने भी उनकी गेंदबाजी को करीब से देखा और उनकी प्रतिभा से प्रभावित हुए. अगस्त के अंत में रजाउल्लाह को पीसीबी के तेज गेंदबाजी कैम्प में बुलाया गया, जहां 12 तेज गेंदबाजों ने हिस्सा लिया. इसके बाद अंतरिम हेड कोच माइक हेसन भी उनकी क्षमता से प्रभावित हुए और उन्हें टेस्ट टीम में शामिल करने का फैसला हुआ.

सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने निराश किया और पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रनों पर सिमट गई. इसके बाद गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की चुनौती थी. रजाउल्लाह ने अपनी रफ्तार से प्रभावित किया, मगर बाकी गेंदबाज बेअसर दिखे. पहले दिन इंग्लैंड ने 4 विकेट पर 156 रन बनाए.

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