भारत और श्रीलंका के बीच गॉल टेस्ट मैच में तीसरे दिन की शुरुआत एक अप्रत्याशित बदलाव के साथ हुई. अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर की तबीयत खराब थी और वह अंपायरिंग करने मैदान पर नहीं उतर सके. टकर की तबीयत खेल के दूसरे दिन ही बिगड़ गई थी. वह दूसरे दिन के आखिरी सेशन में भी अंपायरिंग के लिए मैदान पर नहीं आए थे. उम्मीद थी कि तीसरे दिन वह अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा.
उनकी जगह पाकिस्तान के अहसान रजा को टीवी अंपायर की कुर्सी छोड़कर ऑन-फील्ड अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी. 15 अगस्त से शुरू हुए इस मुकाबले के लिए रॉड टकर और बांग्लादेश के शरफुद्दौला सैकत को ऑन-फील्ड अंपायर नियुक्त किया गया था. अहसान रजा तीसरे यानी टीवी अंपायर थे, जबकि एंडी पायक्रॉफ्ट मैच रेफरी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
रजा का कैसा है अंपायरिंग रिकॉर्ड?
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक तीसरे दिन खेल शुरू होने से पहले आयोजकों ने बताया कि रॉड टकर अंपायरिंग के लिए उपलब्ध नहीं हैं. इसके बाद अहसान रजा को मैदान पर उतारा गया. रजा अनुभवी इंटरनेशनल अंपायर हैं और टकर की गैरमौजूदगी में उन्होंने सैकत के साथ मैच की जिम्मेदारी संभाली. रजा 28 टेस्ट, 66 ओडीआई और 91 टी20 इंटरनेशनल मैचों में ऑनफील्ड अंपयार्स की भूमिका निभा चुके हैं.
अंपायरिंग में बदलाव के बीच तीसरे दिन भारत की पहली पारी ज्यादा देर नहीं चली. टीम इंडिया ने 9 विकेट पर 460 रनों से आगे खेलना शुरू किया था. कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा क्रीज पर थे, लेकिन भारतीय टीम अपने स्कोर में केवल दो रन जोड़ सकी. दिन की चौथी गेंद पर असिथा फर्नांडो ने प्रसिद्ध कृष्णा को आउट करके भारतीय पारी का अंत कर दिया. लेग साइड की ओर जाती गेंद प्रसिद्ध के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के दस्तानों में पहुंची. भारत की पहली पारी 462 रनों पर सिमट गई.
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भारत के बड़े स्कोर की नींव देवदत्त पडिक्कल ने रखी. करीब दो साल बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने उतरे पडिक्कल ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी लगाई. उन्होंने इसे बड़ी पारी में बदलते हुए 230 गेंदों पर 167 रन बनाए. उनकी पारी में 15 चौके और एक छक्का शामिल रहा.
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इसके साथ पडिक्कल ने श्रीलंका की धरती पर भारतीय बल्लेबाजों की एक खास सूची में भी जगह बनाई. उनका 167 रनों का स्कोर श्रीलंका में किसी भारतीय बल्लेबाज का चौथा बेस्ट स्कोर रहा. उनसे आगे सचिन तेंदुलकर (203), वीरेंद्र सहवाग (नाबाद 201) और शिखर धवन (190) हैं. पडिक्कल के अलावा केएल राहुल ने 82 रन बनाए. पहले दिन क्रैम्प्स के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए राहुल दूसरे दिन दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे थे. ध्रुव जुरेल ने भी निचले क्रम में 51 रन की उपयोगी पारी खेली.
श्रीलंका की तरफ से स्पिनर्स प्रभात जयसूर्या और डेब्यूटेंट केशरा नुवांथा ने भारतीय बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा परेशान किया और दोनों ने मिलकर सात विकेट झटके. पिच से स्पिनर्स को मिल रही मदद के कारण अब कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और मानव सुथार की भूमिका अहम हो सकती है. बारिश ने इस टेस्ट में अब तक काफी समय बर्बाद किया है. पहले दिन 73 और दूसरे दिन सिर्फ 43 ओवरों का खेल संभव हो सका.