पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान रावलपिंडी की अदियाला जेल में काफी समय बंद हैं. अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की हालत को लेकर उनके बेटों सुलेमान और कासिम खान ने बेहद गंभीर दावे किए हैं. दोनों ने कहा कि उनके पिता को लंबे समय से अलग-थलग रखा जा रहा है और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही.
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर माइकल एथर्टन से बातचीत में दोनों भाइयों ने अपने पिता की मौजूदा स्थिति के बारे में खुलकर राय रखी. यह इंटरव्यू इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे टेस्ट मैच दौरान प्रसारित हुआ. कासिम ने दावा किया कि इमरान खान को दिन में 23 घंटे से ज्यादा समय तक एक छोटे सेल में अकेले रखा जाता है. उनके मुताबिक सेल में किताबों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और गर्मियों में एयर कंडीशनिंग तक उपलब्ध नहीं है.
कासिम खान ने कहा कि परिवार को सबसे ज्यादा चिंता इमरान खान की सेहत को लेकर है. कासिम कहते हैं, 'ऐसा लगता है कि वे उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक जेल में रखना और उनकी आवाज दबाना चाहते हैं. हालात पहले से ज्यादा खराब हो गए हैं.' कासिम ने यह भी आरोप लगाया कि इमरान को जानबूझकर लंबे समय तक अलग रखा जा रहा है ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके.
इमरान खान की एक आंख खराब!
इंटरव्यू में कासिम ने इमरान खान की आंख से जुड़ी समस्या का जिक्र किया. उनका दावा है कि एक आंख की करीब 80 फीसदी रोशनी जा चुकी है और इमरान को हाल में आंख पर पट्टी लगाए देखा गया. कासिम ने कहा कि यह स्थिति परिवार के लिए बेहद परेशान करने वाली है, क्योंकि उनके पिता मुश्किल परिस्थितियों में भी आमतौर पर बेहद शांत और संयमित रहते हैं.
सुलेमान ने इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि परिवार को उम्मीद थी कि उनके पिता को स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच और इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया जाएगा, लेकिन उन्हें सरकारी चिकित्सा केंद्र ले जाकर वापस जेल भेज दिया गया. सुलेमान के मुताबिक, स्वतंत्र अस्पताल में डॉक्टर और परिवार की एक डॉक्टर रिश्तेदार उनके पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इमरान वहां नहीं पहुंचे.यह घटनाक्रम उस समय का है जब अदालत के निर्देश के बाद इमरान को उनकी सेहत की जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया था.
सुलेमान और कासिम ने अपने पिता से मिलने की कोशिशों का भी जिक्र किया. दोनों का दावा है कि पाकिस्तान जाने के लिए उनके वीजा को तकनीकी कारणों का हवाला देकर रोक दिया गया. इसके बावजूद दोनों ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे पाकिस्तान जाने का जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं. उनका मकसद सिर्फ अपने पिता से मिलना और उनकी स्थिति खुद देखना है.
पीसीबी ने दी बायकॉट की धमकी
इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) तिलमिला उठा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी ने स्काई स्पोर्ट्स के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पीसीबी को टेस्ट मैच के प्रसारण के दौरान राजनीतिक मुद्दे को शामिल किए जाने पर आपत्ति थी. यहां तक कि रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इंटरव्यू प्रसारित होने की स्थिति में पीसीबी ने पाकिस्तान टीम को लंच के बाद मैदान पर नहीं भेजने पर विचार किया था. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और पाकिस्तान की टीम दोबारा मैदान पर उतरी.
इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है. सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान को उचित चिकित्सा सुविधा और मानवीय परिस्थितियां उपलब्ध कराने की अपील की थी. पूर्व खिलाड़ियों की अपील में स्वतंत्र मेडिकल जांच, परिवार से नियमित मुलाकात और जरूरत के मुताबिक इलाज उपलब्ध कराने की मांग शामिल थी. इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. वह भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और अपने खिलाफ मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं.