टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने खुलासा किया है कि उनके दो साल के कोचिंग कार्यकाल में एक ऐसा फैसला भी आया, जिसने उन्हें रातभर सोने नहीं दिया. यह फैसला संजू सैमसन को बाहर कर वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू करवाने का था.
इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में T20I सीरीज के दौरान भारत ने पहले मैच में हार के बाद संजू को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया था. इससे पहले वह लगातार तीन मैचों में 5, 0 और 1 रन ही बना सके थे. आयरलैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद टीम मैनेजमेंट के सामने जीत की जरूरत थी. ऐसे में अगले मुकाबले में मैनचेस्टर में वैभव को डेब्यू कराया गया. 4 जुलाई को वैभव का डेब्यू हुआ था.
गंभीर ने JioStar से बातचीत में कहा कि यह उनके T20 कोचिंग कार्यकाल का सबसे मुश्किल फैसला था. उन्होंने संजू को खुद बताया था कि इस फैसले ने उन्हें रात में सोने नहीं दिया.
गंभीर ने कहा कि संजू उसी साल हुए T20 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे थे और ऐसे खिलाड़ी को तीन-चार मैचों के बाद बाहर करना आसान नहीं था. दूसरी तरफ वैभव भी शानदार फॉर्म में थे और भारत को सीरीज जीतनी थी.
संजू की हुई वापसी, लगातार दो फिफ्टी
बाद में समीकरण फिर बदला. अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की तीन मैचों की T20I सीरीज में संजू की टीम में वापसी हुई, जबकि वैभव को बाहर किया गया. संजू ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए लगातार दो फिफ्टी जड़ीं और भारत ने सीरीज 3-0 से अपने नाम की.
गंभीर ने कहा कि लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भरोसा बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने माना कि अच्छे फॉर्म में होने के बावजूद कभी-कभी किसी खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है.
सोशल मीडिया से तय नहीं होती प्लेइंग 11
गंभीर ने यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया या बाहर की चर्चा से टीम की प्लेइंग 11 तय नहीं होती. उनके मुताबिक फैसला कोच और कप्तान मिलकर इस आधार पर लेते हैं कि कौन टीम को मैच जिता सकता है और कौन सा कॉम्बिनेशन सबसे बेहतर है.
उन्होंने कहा कि अगर वैभव को खिलाया जाता है तो संजू या अभिषेक में से किसी एक को बाहर करना पड़ेगा. पिछले डेढ़-दो साल में जिस कॉम्बिनेशन ने इतना असर डाला है, उसे तीन-चार खराब मैचों के बाद अचानक नहीं बदला जा सकता.
गंभीर ने कहा कि पॉपुलर फैसला लेना आसान है, लेकिन सही फैसला लेना ज्यादा मुश्किल है. उन्होंने संजू और अभिषेक के साथ कंटीन्यूटी बनाए रखने के फैसले को सही बताया.
वैभव ने बढ़ाई टीम की मुश्किल
वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन ने भारत की T20I टीम में सेलेक्शन का चैलेंज जरूर बढ़ा दिया है. गंभीर के मुताबिक किसी यंग खिलाड़ी के अच्छे प्रदर्शन के कारण स्थापित कॉम्बिनेशन को तुरंत नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि भारत ने एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रहते हुए महज 17 महीने में तीसरा वर्ल्ड कप जीता. इसलिए एक खराब सीरीज या तीन खराब मैच किसी खिलाड़ी को खराब नहीं बना देते और न ही टीम खराब हो जाती है. इसी वजह से टीम में कंटीन्यूटी बनाए रखना जरूरी है.