जिम्बाब्वे के अनुभवी बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने इतिहास रच दिया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मंगलवार को हरारे में पहले वनडे के लिए मैदान पर उतरते ही टेलर ने महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
टेलर अब पुरुष वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे लंबे समय तक खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उनका वनडे करियर 22 साल और 146 दिन का हो गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिनका वनडे करियर 22 साल और 91 दिन तक चला था. यानी टेलर ने सचिन के रिकॉर्ड को करीब 55 दिन से पीछे छोड़ दिया है.
ब्रेंडन टेलर ने जिम्बाब्वे के लिए अपना वनडे डेब्यू 2004 में किया था. इसके बाद वह टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए. 40 साल के टेलर ने अब तक 207 वनडे मैचों में 11 शतक लगाए हैं, जो जिम्बाब्वे के लिए नेशनल रिकॉर्ड है.
वहीं, सचिन तेंदुलकर ने 1989 में वनडे डेब्यू किया था और 2012 में इस फॉर्मेट से संन्यास लिया. उनका वनडे करियर 22 साल और 91 दिन का रहा. हालांकि, इस रिकॉर्ड के टूटने के बावजूद वनडे क्रिकेट में सचिन के कई बड़े रिकॉर्ड अब भी कायम हैं.
सचिन के ये रिकॉर्ड अब भी कायम
सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उनके नाम 18,426 वनडे रन हैं. इसके अलावा सचिन ने इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 463 मैच भी खेले हैं.इस मामले में ब्रेंडन टेलर अभी सचिन से काफी पीछे हैं, लेकिन सबसे लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड अब उनके नाम हो गया है.
2021 में लिया था संन्यास, फिर कैसे लौटे?
ब्रेंडन टेलर की कहानी सिर्फ इस रिकॉर्ड की वजह से खास नहीं है. उनका क्रिकेट करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.टेलर ने 2021 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इसके बाद 2022 में उन्हें ICC के एंटी-करप्शन और एंटी-डोपिंग कोड के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद साढ़े तीन साल के लिए बैन कर दिया गया.
सस्पेंशन पूरा करने के बाद टेलर ने 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. जिम्बाब्वे अब दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के साथ 2027 वनडे वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी करने वाला है और इसी तैयारी के बीच टेलर ने फिर से टीम का हिस्सा बनने का फैसला किया.
अब 40 साल की उम्र में वह सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर वनडे इतिहास के सबसे लंबे समय तक खेलने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेलर की खास वापसी
मंगलवार को हरारे में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. यह 12 साल बाद जिम्बाब्वे में दोनों टीमों के बीच पहला वनडे है.
इस मुकाबले के साथ एक और दिलचस्प कनेक्शन जुड़ा है. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श उन तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो 2014 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पिछले वनडे में भी मैदान पर उतरे थे और अब 12 साल बाद फिर उस मुकाबले का हिस्सा हैं.