बांग्लादेश क्रिकेट में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) को लेकर एक बार फिर हलचल मच गई है. टूर्नामेंट के पिछले दो संस्करणों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने दो पूर्व टीम अधिकारियों के खिलाफ ICC के एंटी-करप्शन कोड के तहत कार्रवाई की है.
जिन दो लोगों पर आरोप लगे हैं, उनमें मोहम्मद अब्दुल कयूम राशेद और मोहम्मद अमीन खान शामिल हैं. दोनों को कई एंटी-करप्शन उल्लंघनों के आरोप में अस्थायी रूप से निलंबित (Provisionally Suspended) किया गया है.
कौन हैं ये दोनों अधिकारी?
अब्दुल कयूम राशेद BPL 2024-25 में चटगांव रॉयल्स (Chattogram Royals) के मालिक रह चुके हैं. वहीं, अमीन खान BPL 2024-25 में दरबार राजशाही (Durbar Rajshahi) के टीम अधिकारी थे. इसके बाद BPL 2025-26 में उन्होंने चटगांव रॉयल्स के साथ काम किया.बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को इन दोनों के खिलाफ ICC के एंटी-करप्शन कोड के तहत कई आरोप लगाए.
किस तरह के आरोप लगे?
BCB के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इंटीग्रिटी यूनिट (BCBIU) की जांच के बाद दोनों के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. जांच उन आरोपों से जुड़ी थी, जिनमें भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने, भ्रष्ट आचरण से जुड़ी जानकारी नहीं देने, एंटी-करप्शन जांच में सहयोग नहीं करने और जांच में बाधा डालने या उसे टालने जैसे मामले शामिल हैं. ये आरोप BPL के पिछले दो संस्करणों से जुड़ी कथित गतिविधियों की जांच के बाद सामने आए हैं.
पहले भी कई लोगों पर लगा है आरोप
BPL में एंटी-करप्शन मामलों को लेकर BCB की कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले मई में BCBIU ने कई टीम अधिकारियों, खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी मालिकों के खिलाफ एंटी-करप्शन उल्लंघन के आरोप लगाए थे.
इसके बाद इसी महीने की शुरुआत में BCB के पूर्व निदेशक मुहम्मद मुखलेसुर रहमान समेत तीन अन्य लोगों पर भी ICC के एंटी-करप्शन कोड के तहत आरोप लगाए गए थे.
BPL के लिए पहले से मुश्किल दौर
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बांग्लादेश प्रीमियर लीग पहले ही कई तरह की परेशानियों से गुजर रहा है. BCB अध्यक्ष तमीम इकबाल ने टूर्नामेंट से जुड़े वित्तीय मुद्दे हल नहीं होने तक BPL आयोजित करने की संभावना को खारिज कर दिया था.
BCB ने ताजा आरोपों पर फिलहाल ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है. बोर्ड ने कहा है कि वह इस मामले पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करेगा. हालांकि, अब्दुल कयूम राशेद और अमीन खान के पास अपना पक्ष रखने का मौका है. दोनों अधिकारियों को नोटिस ऑफ चार्ज मिलने के बाद 14 दिन के भीतर इन आरोपों का जवाब देना होगा. फिलहाल BCB की कार्रवाई आरोपों के स्तर पर है और दोनों को अपना जवाब दाखिल करना है.