भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ और ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया है. आकाश चोपड़ा ने नकवी की तुलना भारतीय शादियों में बिना बात के मुंह फुलाकर बैठने वाले नाराज फूफा जी से कर दी है.
अपने यू-ट्यूब चैनल पर आकाश चोपड़ा ने साफ-साफ कहा कि शादी में अगर फूफा जी नहीं होंगे तो काम रुकेगा नहीं! मोहसिन नकवी को अच्छी तरह पता था कि भारत का रुख क्या है, फिर भी वे अपनी ईगो (अहम) की वजह से जबरदस्ती स्टेडियम में मुंह उठाए चले आए.
नकवी के आने या नहीं आने से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था, बेहतर होता कि वे एशिया कप फाइनल में आने का विचार ही छोड़ देते. आकाश ने चिंता जताई कि ऐसी बचकानी हरकतों से दोनों देशों के रिश्ते सुधरने के बजाय और बिगड़ेंगे. आज भारत की इतनी बड़ी जीत से ज्यादा चर्चा नकवी के ट्राफी ड्रामे की हो रही है.
A complete performance from the Women in Blue once again and they are the deserved winners of the #DPWorldWomensAsiaCup2026 🏆🇮🇳 #DPWorldWomensAsiaCup2026 #GrandFinale #INDWvSLW #ACC pic.twitter.com/efvt0RcZot
— AsianCricketCouncil (@ACCMedia1) September 13, 2026
दूसरी तरफ इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने खुलकर बात की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश की जनता की भावनाओं और सेना के सम्मान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया. भारतीय टीम किसी ऐसे अधिकारी के हाथों ट्रॉफी नहीं स्वीकार कर सकती, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है.
पिछले साल भी हुआ था ड्रामा
सैकिया ने याद दिलाया कि 2025 में जब हमारी पुरुषों की टीम ने एशिया कप जीता था, तब भी पाकिस्तान ने ट्रॉफी भारत नहीं भेजी थी. जब डेढ़ साल से वे हमारी पुरानी ट्रॉफी रोके बैठे हैं तो भारतीय महिला टीम उनके साथ किसी भी औपचारिक समारोह का हिस्सा कैसे बन सकती है?
𝐓𝐞𝐚𝐦 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐚𝐫𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐂𝐡𝐚𝐦𝐩𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 #𝐃𝐏𝐖𝐨𝐫𝐥𝐝𝐖𝐨𝐦𝐞𝐧𝐬𝐀𝐬𝐢𝐚𝐂𝐮𝐩𝟐𝟎𝟐𝟔 🇮🇳💙#DPWorldWomensAsiaCup2026 #ACC pic.twitter.com/12Fn1YdM0p
— AsianCricketCouncil (@ACCMedia1) September 13, 2026
BCCI ने सुझाया था रास्ता
BCCI ने विवाद से बचने का एक सरल रास्ता भी सुझाया था. उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि मोहसिन नकवी के बजाय ACC के डिप्टी चेयरमैन ट्रॉफी सौंप दें, ताकि खेल और खिलाड़ियों का सम्मान बना रहे. लेकिन नाराज फूफा की तरह अड़े रहने के चक्कर में नकवी ने वो बात नहीं मानी.