भारतीय लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स में अपने पदक का रंग बदल दिया. हांगझोउ में 10,000 मीटर में कांस्य जीतने वाले गुलवीर ने नागोया में इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. उन्होंने 28:29.38 मिनट का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया.
गुलवीर को बहरीन के बिरहानु बालेव ने पीछे छोड़ा. बालेव ने 28:27.51 मिनट में रेस पूरी कर गोल्ड जीता. वहीं बहरीन के अल्बर्ट किप्टो ने 28:34.18 मिनट के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया.

इस साल लगातार बड़े मंच पर चमक रहे गुलवीर
गुलवीर के लिए यह सिल्वर इस साल की शानदार उपलब्धियों में एक और इजाफा है. इससे पहले वह ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज जीत चुके हैं. यानी इस साल बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर गुलवीर के खाते में लगातार मेडल जुड़ रहे हैं.
28 साल के गुलवीर भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं और पिछले दो साल से अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं. 2025 में दक्षिण कोरिया के गुमी में हुई एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में उन्होंने 5,000 और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते थे.
रिकॉर्ड की रफ्तार पर गुलवीर
गुलवीर के नाम फिलहाल 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन के भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं. 2025 में उन्होंने 3:55.63 मिनट के समय के साथ चार मिनट से कम समय में मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया.
इसी साल उन्होंने 59:42 मिनट में हाफ मैराथन पूरी कर एक घंटे से कम समय में यह दूरी तय करने वाले पहले भारतीय का रिकॉर्ड भी बनाया. इतना ही नहीं, इंडोर 5,000 मीटर में 12:59.77 मिनट का समय निकालकर वह 13 मिनट की बाधा तोड़ने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने.
गुलवीर फिलहाल अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग कर रहे हैं.बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी के बीच नागोया में जीता यह सिल्वर उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन की एक और गवाही है.