गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) भारत केलंबी दूरी के धावक हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्लर मेडल जीतकर इतिहास रचा. वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने.
साल 2025 में गुलवीर सिंह ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10,000 मीटर और 5,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीता. इससे पहले उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था. वहीं, 2023 एशियाई चैंपियनशिप की 5,000 मीटर स्पर्धा में भी उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया. मार्च 2026 में आयोजित विश्व क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में उन्होंने हिस्सा लिया और 40वें स्थान पर रहे.
15 मार्च 2026 को गुलवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स में एक नया अध्याय जोड़ा. उन्होंने हाफ मैराथन को 59 मिनट 42 सेकंड में पूरा कर इतिहास रच दिया. ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय धावक बने जिन्होंने हाफ मैराथन में 60 मिनट से कम समय का रिकॉर्ड बनाया. इस रेस में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया. मार्च 2026 तक वह अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में प्रशिक्षण ले रहे थे.
उनका जन्म 1 जून 1998 को हुआ था. उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. 10,000 मीटर और 5,000 मीटर दौड़ उनकी प्रमुख स्पर्धाएं हैं.
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। उनकी इस उपलब्धि से सिरसा गांव में जश्न का माहौल है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह के गांव में जश्न का माहौल है. मां लक्ष्मी और पत्नी बबीता ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि कभी खेतों में दौड़ने वाला गुलवीर आज पूरे देश का नाम रोशन कर रहा है.
महिलाओं के 69 किलो ग्राम वर्ग में 29 वर्षीय वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. वहीं गुलवीर सिंह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने. इसके अलावा भारतीय बॉक्सरों ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम तीन और मेडल पक्के कर दिए.