आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के दो खिलाड़ियों के नाम ने फुटबॉल फैन्स का ध्यान खींच लिया है. मौजूदा एशियन गेम्स में भारत की ओर से रोनाल्डो और डेविड बेकहम मैदान में उतरे. नाम सामने आते ही लोगों को फुटबॉल के सुपरस्टार्स क्रिस्टियानो रोनाल्डो और डेविड बेकहम की याद आ गई, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों की कहानी बिल्कुल अलग है.
रोनाल्डो सिंह लैतोनजाम और डेविड बेकहम एल्काटोचोंगो भारत के साइकिलिस्ट हैं. दोनों लंबे समय से भारतीय ट्रैक साइकिलिंग में सक्रिय हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं.
डेविड बेकहम एल्काटोचोंगो मेन्स केइरिन स्पर्धा के सेमीफाइनल में भी पहुंचे, जहां वो अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहे और फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके.बेकहम ने मेन्स केइरिन रेपचेज में अपनी हीट मे तीसरा स्थान हासिल कर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था. दूसरी ओर रोनाल्डो सिंह लैतोनजाम रेपचेज राउंड के दौरान अपनी हीट में छठे पायदान पर रहे थे.
मणिपुर के रहने वाले रोनाल्डो सिंह लैतोनजाम भारत के बेहतरीन स्प्रिंट साइकिलिस्टों में गिने जाते हैं. उन्होंने एशियन ट्रैक साइकिलिंग चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था. वह इस प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय साइकिलिस्ट बने थे. सबसे दिलचस्प बात उनके नाम को लेकर है. उनका नाम पुर्तगाली फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम पर नहीं रखा गया था. उनके नाम की प्रेरणा ब्राजील के मशहूर फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो से जुड़ी बताई जाती है. साइकिलिंग ट्रैक पर रोनाल्डो की तेज रफ्तार और स्प्रिंट में प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय साइकिलिंग के प्रमुख चेहरों में शामिल किया है.
दूसरा नाम है डेविड बेकहम एल्काटोचोंगो. नाम सुनते ही फुटबॉल के पूर्व इंग्लैंड कप्तान डेविड बेकहम का चेहरा सामने आ जाता है, लेकिन भारतीय बेकहम का खेल फुटबॉल नहीं बल्कि ट्रैक साइक्लिंग है. बेकहम ने राष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते हैं और स्प्रिंट स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाए हैं. उनकी रफ्तार और प्रदर्शन ने उन्हें भारत के प्रमुख ट्रैक साइकिलिस्टों में जगह दिलाई है.
एशियन गेम्स में भारत की टीम में रोनाल्डो और डेविड बेकहम का नाम देखकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई. कई लोगों ने पहली नजर में इन नामों को फुटबॉल के मशहूर सितारों से जोड़ लिया. लेकिन जब खिलाड़ियों की पहचान सामने आई तो पता चला कि यह भारत के दो साइकिलिस्ट हैं, जो अपने-अपने खेल में लगातार आगे बढ़ रहे हैं.