मुंबई भारी बारिश की मार झेल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. 8 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का खतरा है. पालघर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यह चेतावनी तब आई है जब मुंबई 27 सालों में अपने सबसे गीले मॉनसून शुरूआती दौर से गुजर रहा है.
6 जुलाई तक मुंबई में इस मॉनसून सीजन में करीब 1240 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. यह 27 सालों में इस तारीख तक की सबसे ज्यादा बारिश है. सामान्य स्थिति में इतनी बारिश में बहुत समय लगता है, लेकिन इस बार यह 1.7 गुना ज्यादा है. पिछले रिकॉर्ड को 2006 का माना जाता था, लेकिन 2026 ने उसे पीछे छोड़ दिया है.
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5 जुलाई को अकेले एक दिन में 225 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई. जुलाई 2 से 6 जुलाई तक सिर्फ 5 दिनों में 750 मिलीमीटर से ज्यादा पानी बरसा, जबकि सामान्य में इतने दिनों में करीब 350 मिलीमीटर ही होता है. हर बारिश वाले दिन औसतन 73 मिलीमीटर बारिश हो रही है, जबकि सामान्य में 35 मिलीमीटर ही होती है.
नक्शे पर दिया गया आंकड़ा वास्तविक से कम है
IMD का ग्रिडेड डेटा 25 किलोमीटर के क्षेत्र का औसत बताता है. यह सांताक्रुज रेन गेज के कुल आंकड़े से मिलता-जुलता है, लेकिन स्थानीय भारी बारिश (cloudburst) को कम करके दिखाता है. उदाहरण के लिए 2005 में सांताक्रुज में 24 घंटे में 944 मिलीमीटर बारिश हुई थी, लेकिन ग्रिडेड डेटा में सिर्फ 492 मिलीमीटर दिखाया गया था. इसलिए जब ग्रिड रिकॉर्ड बता रहा है तो असल में कहीं ज्यादा बारिश हुई होगी.
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कम बारिश, ज्यादा तबाही
2005 के बाद मुंबई बहुत बदल गया है. 1975 से अब तक शहर का बिल्ट-अप क्षेत्र दोगुना से भी ज्यादा हो गया है. कंक्रीट और इमारतों ने पानी सोखने की क्षमता खत्म कर दी है. नाले और ड्रेनेज सिस्टम छोटे शहर के हिसाब से बने हैं. इसलिए अब कम बारिश भी पहले से ज्यादा पानी भराव और बाढ़ पैदा कर रही है. सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर 17 उड़ानें रद्द और 364 उड़ानें देरी से हुईं. सड़कें, ट्रेनें और रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो गई.

मॉनसून अभी एक तिहाई भी नहीं बीता
मॉनसून सीजन अभी जुलाई के शुरू में ही है. जुलाई और अगस्त के सबसे भारी हफ्ते अभी आने वाले हैं. मुंबई को अब जो रिकॉर्ड चिंता दे रहा है, वह अभी बन रहा है. शहर को और सतर्क रहने की जरूरत है.

मुंबई इस बार मॉनसून के शुरूआती दौर में रिकॉर्ड बारिश देख रहा है. IMD का रेड अलर्ट और बढ़ती शहरी आबादी के साथ पुरानी व्यवस्था शहर को और जोखिम में डाल रही है. सावधानी, बेहतर तैयारी और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की तुरंत जरूरत है.