दुबई को सपनों का शहर कहा जाता है. यहां न सिर्फ एशियाई देश बल्कि पश्चिमी और कई यूरोपियन कंट्री के लोग आकर रह रहे हैं. दुबई में हर तबके के लोगों के लिए जगह है. यहां बड़े- बड़े कारोबारियों और कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स के भी विला और फ्लैट हैं और इसी दुबई में घर- घर फूड डिलिवरी करने वाले वैसे प्रवासी भी रहते हैं, जो अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत से मुंह नहीं मोड़ते हैं.
दुबई आने पर अनस्किल्ड लोगों के पास पेट पालने का एक आसान विकल्प होता है, डिलिवरी ब्वॉय का. यहां हजारों ऐसे प्रवासी हैं, जो रेंट पर बाइक और स्कूटर लेकर बड़े- बड़े फूड डिलिवरी कंपनियों में नौकरी करते हैं और धीरे- धीरे अपने सपनों को पूरा करते हैं. इस काम की सबसे बड़ी खासियत है कि आज के दौर में ये फ्लैक्सिबल हो गया है.
घर बैठे लोगों की डूर स्टेप डिलिवरी की आदत ने भारत और नेपाल जैसे देश से बड़े सपने लेकर दुबई जाने वाले युवाओं को वहां रहने और पेट भरने के लिए एक डिलिवरी ब्वॉय के रूप में एक और विकल्प दे दिया है. अलग- अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ दुबई में दूसरे देशों से आने वाले युवा वहां 10 से 12 घंटे की शिफ्ट में घर- घर डिलिवरी करने का काम करते हैं.
शुरुआत में इन डिलिवरी ब्वॉय को 1500 से 2000 दिरहम महीने की कमाई हो जाती है. यानी हर महीने करीब 40 से 50 हजार रुपये ये कमा लेते हैं. हर दिन सिर्फ 8 घंटे या उससे भी कम की शिफ्ट करके इतनी कमाई हो जाती है. वहीं 10- 10 घंटे या एक से ज्यादा कंपनियों के लिए काम करने वालों की महीने की कमाई 5000 दिरहम तक यानी 1 लाख 20 हजार रुपये से भी ज्यादा हो जाती है.
डिलिवरी राइडर को पेमेंट अलग- अलग कंपनियों में अलग- अलग मोड से होता है. कुछ कंपनियां 8 या 9 घंटे की शिफ्ट में काम करने पर फिक्स्ड सैलरी 1500 से 2000 दिरहम और कुछ इंसेंटिव देती है. वहीं कुछ कंपनियां सिर्फ कमीशन का भुगतान करती है. ऐसे में अनुभवी और पुराने राइडर सिर्फ कमीशन वाली कंपनियों के साथ काम करके 12- 14 घंटे की शिफ्ट कर ठीक- ठाक कमाई भी कर लेते हैं.
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इंस्टाग्राम पर दुबई में डिलिवरी राइडर का काम करने वाले एक ऐसे ही शख्स का बातचीत भी वायरल हो रहा है. भारत के तमिलनाडु से दुबई जाकर वहां डिलिवरी राइडर का काम करने वाला एक शख्स व्लॉगर को बताता है कि वह यहां पिछले 5 महीने से यह काम कर रहा है और उसने दावा किया कि हर महीने करीब 5 हजार दिरहम यानी करीबन डेढ़ लाख रुपये की कमाई हो जाती है.
इसके बाद वह आगे बताता है कि दुबई में रहने के लिए उसे 500 दिरहम रेंट देना पड़ता है. खाने- पीने पर 400 दिरहम खर्च हो जाते हैं. बाइक के इंधन पर 600 दिरहम खर्च होते हैं. अन्य दूसरे खर्च 1500 दिरहम होते हैं. यानी उस शख्स दुबई में रहने पर हर तरह से 3000 दिरहम तक खर्च हो जाते हैं. फिर भी वह 2000 दिरहम यानी करीबन 50 हजार रुपये अराम से बचा लेता है.
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इस तरह दुबई में आकर रहे वाले भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका जैसे देश के लोग यहां डिलिवरी राइडर का काम करके भी उतना कमा ले रहे हैं कि दुबई में खुद का पेट भरने के साथ- साथ भारत में रह रहे अपने परिवार की जरूरतों को भी पूरा कर सके.