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महाराष्ट्र: नासिक में बादल फटने का अलर्ट, स्कूल-कॉलेज और बड़े मंदिर रहेंगे बंद

महाराष्ट्र के नासिक में मंगलवार को भारी बारिश और बादल फटने का अलर्ट है. ऐसे में IMD ने त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और नासिक के पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जिला प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेज, बड़े मंदिर और साप्ताहिक बाजार बंद रखने के निर्देश दिए हैं.

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नासिक में IMD ने अलर्ट जारी किया है. (Photo- Pexels)
नासिक में IMD ने अलर्ट जारी किया है. (Photo- Pexels)

महाराष्ट्र के नासिक में मंगलवार को बादल फटने जैसी मूसलाधार बारिश की आशंका है. ऐसे में प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. IMD ने 7 जुलाई को त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और नासिक तालुका के पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

बादल फटने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई बड़े कदम उठाए हैं.प्रशासन ने मंगलवार को जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाले बड़े मंदिरों को भी बंद रखने का फैसला किया गया है. इनमें त्र्यंबकेश्वर स्थित भगवान त्र्यंबकेश्वर मंदिर और वणी स्थित माता सप्तशृंगी मंदिर शामिल हैं. त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, नासिक ग्रामीण, पेठ, डिंडोरी और सुरगाणा तालुका में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों पर भी रोक लगा दी गई है.

त्र्यंबकेश्वर में 300 मिमी तक बारिश का अनुमान

नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया के कारण मंगलवार को त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और नासिक के पश्चिमी हिस्सों में बादल फटने जैसी बारिश की भी आशंका है. त्र्यंबकेश्वर और उसके आस-पास के इलाकों में करीब 300 मिमी तक बारिश हो सकती है.'

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जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन सभी सुरक्षात्मक उपाय कर रहा है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वो बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और किसान भी इस दौरान खेतों में जाने से बचें.

पर्यटकों और रेल रूट पर खास नजर, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द

भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा. बारिश के दौरान पर्यटकों की भीड़ वाले वॉटरफॉल और किलों पर पुलिस, होमगार्ड और 'आपदा मित्रों' को तैनात किया जाएगा. चूंकि मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग इगतपुरी तालुका से होकर गुजरता है, इसलिए रेलवे को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है. 

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बने बांधों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके गेट खोलने के निर्देश दिए गए हैं. बढ़ते जलस्तर की वजह से सोमवार शाम 6 बजे नांदुर-मध्यमेश्वर बांध से 1,614 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है.

जिला परिषद के सीईओ ओमकार पवार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-केंद्रों में जरूरी दवाओं का स्टॉक मुहैया करा दिया गया है. पुलिस अधीक्षक डॉ. डी.एस. स्वामी ने कहा कि जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहेगा.

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दिए खास निर्देश

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, '8 जुलाई तक मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने की जरूरत है. नासिक के कुछ हिस्सों में मंगलवार को बादल फटने जैसी घटना की आशंका है. हम हालात पर पैनी नजर रख रहे हैं और सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है.'

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