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उड़ा और 85 सेकेंड में फट गया... चीन का लॉन्ग मार्च 7A रॉकेट हुआ फेल

चीन ने आसमान में भेजा अपना लॉन्ग मार्च 7A रॉकेट, लेकिन उड़ान के कुछ ही मिनट बाद पूरा मिशन पलट गया. रॉकेट 85 सेकेंड में नष्ट हो गया. ChinaSat-4B भी मिशन के साथ खो गया.

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चीन का लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट लॉन्च होने के 85 सेकेंड बाद आसमान में फट गया. (Screengrab: X)
चीन का लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट लॉन्च होने के 85 सेकेंड बाद आसमान में फट गया. (Screengrab: X)

चीन का लॉन्ग मार्च 7A रॉकेट सोमवार को लॉन्च के 85 सेकेंड बाद फेल हो गया. इसे चीन के हैनान प्रांत के वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से रात 8:02 बजे लॉन्च किया गया था. रॉकेट के साथ ChinaSat-4B सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में भेजा जा रहा था. लेकिन उड़ान के दौरान रॉकेट में कुछ गड़बड़ी आ गई और मिशन फेल हो गया. चीन ने कहा है कि गड़बड़ी की वजह पता लगाने के लिए जांच हो रही है.

लॉन्च की वीडियो में दिखा कि रॉकेट कम ऊंचाई पर ही पूरी तरह नष्ट हो गया. इसकी रफ्तार भी उस समय ज्यादा नहीं थी. यानी रॉकेट इतनी ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया जहां से सैटेलाइट को ऑर्बिट में भेजा जा सके. इसके साथ भेजा जा रहा ChinaSat-4B भी ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया. मार्च 2020 में पहली उड़ान के बाद यह लॉन्ग मार्च 7A की पहली नाकाम उड़ान है. इसके बाद रॉकेट ने एक दर्जन से ज्यादा सफल उड़ानें पूरी की थीं.

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लॉन्ग मार्च 7A क्या है?

लॉन्ग मार्च 7A चीन का एक रॉकेट है. इसका इस्तेमाल ऐसे सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने के लिए किया जाता है, जिन्हें ज्यादा ऊंचाई वाली ऑर्बिट में पहुंचाना होता है. इसका इस्तेमाल खास तौर पर कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करने में होता है.

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इस रॉकेट की पहली उड़ान मार्च 2020 में हुई थी. उस समय भी रॉकेट उड़ान के दौरान आई गड़बड़ी की वजह से फेल हो गया था. इसके करीब एक साल बाद इसने दोबारा उड़ान भरी और उसके बाद कई सफल लॉन्च किए.

ChinaSat-4B का क्या काम है?

ChinaSat-4B, ChinaSat-4 सीरीज का सैटेलाइट है. इसी सीरीज का ChinaSat-4A साल 2024 में लॉन्च किया गया था. ChinaSat-4A का इस्तेमाल आवाज, डेटा, रेडियो और टीवी जैसी कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए किया जाता है.

इस तरह के सैटेलाइट बड़े इलाके में कम्युनिकेशन सेवाएं पहुंचाने में मदद करते हैं. खासकर उन जगहों पर जहां जमीन पर नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल होता है. हालांकि ChinaSat-4B का इस्तेमाल किस काम के लिए होना था, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

रॉकेट फेल होने से क्या असर पड़ेगा?

अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रॉकेट में गड़बड़ी किस वजह से आई. यह भी देखा जाएगा कि समस्या सिर्फ इसी रॉकेट में थी या इसके किसी पार्ट, बनाने की प्रक्रिया या लॉन्च साइट से जुड़ी थी.

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इस नाकामी का चीन के बाकी अंतरिक्ष मिशनों पर कितना असर होगा, यह जांच के बाद ही पता चलेगा. हालांकि अभी माना जा रहा है कि चीन के लो-अर्थ ऑर्बिट वाले दूसरे सैटेलाइट लॉन्च पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा. लॉन्ग 7A का इस्तेमाल ज्यादातर ज्यादा ऊंचाई वाली ऑर्बिट के लिए होता है.

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Chang'e-7 मिशन पर असर नहीं

चीन इस समय Chang'e-7 चंद्र मिशन की तैयारी कर रहा है. इसे 2026 की दूसरी छमाही में लॉन्च किया जाना है. इस मिशन का मकसद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की जांच करना है. यहां कुछ ऐसे गड्ढे हैं जहां हमेशा अंधेरा रहता है और वहां पानी की बर्फ मिलने की संभावना है.

Chang'e-7 के लिए लॉन्ग मार्च 5 रॉकेट का इस्तेमाल होगा. यह लॉन्ग मार्च 7A से अलग रॉकेट है. इसलिए अभी माना जा रहा है कि लॉन्ग मार्च 7A की इस नाकामी से Chang'e-7 मिशन की लॉन्चिंग पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा.

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