इंडोनेशिया में इस साल अल-नीनो का असर मौसम और बारिश पर साफ दिखाई दे रहा है. देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो रही है और सूखे का दौर लंबा हो रहा है. इसी वजह से बैंटन प्रांत के करियन डैम का जलस्तर भी नीचे चला गया है. पानी घटने के बाद डैम के नीचे मौजूद सोमांग गांव के पुराने घर, मस्जिद और दूसरी इमारतें फिर से दिखाई देने लगी हैं. Photo: AFP
सोमांग गांव को करियन डैम बनाने के लिए पानी में डुबोया गया था. डैम का प्रोजेक्ट का काम 2015 में शुरू हुआ था और 2023 में इसे चालू किया गया. डैम बनने से पहले इस गांव में लोग रहते थे, लेकिन प्रोजेक्ट के बाद उन्हें दूसरी जगह बसाया गया. इसके बाद पूरा गांव जलाशय के पानी में डूब गया. अब कई साल बाद सूखे के कारण पानी नीचे गया तो गांव के पुराने हिस्से फिर नजर आने लगे. Photo: AFP
अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम पर पड़ता है. इंडोनेशिया में इसका एक बड़ा असर बारिश पर होता है. जब बारिश कम होती है और मौसम गर्म रहता है, तो जमीन और पानी के स्रोतों में पानी तेजी से कम होने लगता है. Photo: AFP
इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी BMKG के मुताबिक, 2026 में देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. जून 2026 में एजेंसी ने बताया था कि देश के करीब 64.5% हिस्से में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. करीब 57.2% हिस्से में सूखे का मौसम सामान्य से ज्यादा लंबा रहने का अनुमान था. Photo: AFP
जुलाई में भी बारिश की कमी देखने को मिली. जुलाई के पहले हिस्से में इंडोनेशिया के करीब 72% हिस्से में सामान्य से कम बारिश हुई. कई इलाकों में लगातार कई हफ्तों तक बारिश नहीं हुई. जब लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो जमीन में नमी कम होती जाती है. इसके साथ ही नदियों, तालाबों और डैम में भी पानी का स्तर नीचे जाने लगता है. Photo: AFP
BMKG ने जुलाई 2026 के आखिर में बताया था कि अल-नीनो सक्रिय हो चुका है और इसके और मजबूत होने की संभावना है. एजेंसी ने इसके चलते सूखे की स्थिति को लेकर तैयारी बढ़ाने की बात कही थी. लंबे सूखे से पानी की उपलब्धता, खेती और जंगलों में आग का खतरा बढ़ सकता है. Photo: AFP
इंडोनेशिया में अगस्त 2026 को सूखे के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. अगस्त में देश के करीब 48.84% हिस्से में सूखे का पीक रहने का अनुमान है. सूखे का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता. बारिश कम होने से खेती के लिए पानी की कमी हो सकती है. लोगों के लिए पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी जुटाना भी मुश्किल हो सकता है. Photo: AFP
करियन डैम ग्रेटर जकार्ता इलाके में पानी की जरूरत पूरी करने वाली बड़ी प्रोजेक्ट्स में शामिल है. लेकिन इस साल लंबे समय से बारिश कम होने के कारण जलाशय का पानी नीचे चला गया. पानी कम होने के साथ ही सोमांग गांव का वह हिस्सा फिर दिखाई देने लगा, जो कई साल से पानी के नीचे था. Photo: AFP
पुराने घरों की दीवारें, मस्जिद और दूसरी इमारतों के अवशेष अब साफ नजर आ रहे हैं. यह वही गांव है जहां कभी लोग रहते थे और जिसे डैम बनने के बाद खाली कराया गया था. सोमांग गांव का फिर दिखाई देना इस साल इंडोनेशिया में पड़ रहे सूखे की एक साफ तस्वीर है. Photo: AFP
अल-नीनो ने बारिश के पैर्टन को प्रभावित किया, लंबे समय तक बारिश कम हुई और डैम का पानी घटता गया. पानी पीछे हटा तो सालों से डूबा गांव भी फिर सामने आ गया. अगर आने वाले महीनों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो इंडोनेशिया में पानी और खेती से जुड़ी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. Photo: AFP