श्रीलंका इस समय कई सालों के सबसे बड़े सूखे से जूझ रहा है. अल-नीनो के असर से देश के कई हिस्सों में बहुत कम बारिश हुई है. इससे कुएं, तालाब, नदियां और जलाशय सूखने लगे हैं. कुछ खेती वाले इलाकों में सामान्य से 85 से 100 फीसदी तक कम बारिश हुई है. Photo: Reuters
पानी की कमी का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खेती और किसानों की कमाई पर पड़ रहा है. अमपारा जिले के गालवेला याया गांव में रहने वाले 48 साल के किसान ए.एम. पथ्मसेना का कुआं भी लगभग सूख गया है. इसमें उनके परिवार और दो गायों के लिए भी मुश्किल से पानी बचा है. Photo: Reuters
अब वह कुएं में छोटा गड्ढा खोदते हैं और उसमें पानी जमा होने का इंतजार करते हैं. ऐसे हालात कई और गांवों में भी हैं. सरकार को लोगों तक टैंकर से पानी पहुंचाना पड़ रहा है. Photo: Reuters
श्रीलंका सरकार के मुताबिक, देश के सैकड़ों जलाशयों में अब सिर्फ 10 फीसदी के करीब पानी बचा है. इन जलाशयों से खेती और लोगों के पीने के पानी की जरूरत पूरी होती है. लेकिन कम बारिश और तेज गर्मी के कारण कई तालाब, नदियां और झीलें सूख रही हैं. Photo: Reuters
जिन इलाकों में टैंकर पहुंच रहे हैं, वहां लोगों को हर 3 से 5 दिन में पानी मिल रहा है. लेकिन दूर के गांवों में कुछ लोगों को पानी के लिए 23 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. Photo: Reuters
पानी की कमी के कारण लोगों को पानी बचाकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है. कई परिवार घर के बाहर बड़े नीले ड्रम रखकर टैंकर से आने वाला पानी जमा कर रहे हैं. कुछ लोग ट्यूबवेल से पानी भरकर घर ले जा रहे हैं. Photo: Reuters
इसी पानी से नहाने, खाना बनाने, कपड़े और बर्तन धोने जैसे काम किए जा रहे हैं. कई परिवारों के लिए रोज पीने का पानी जुटाना ही बड़ी परेशानी बन गया है. Photo: Reuters
सूखे का सीधा असर किसानों पर पड़ा है. किसान पथ्मसेना पहले लोबिया की खेती से हर महीने करीब 20 हजार श्रीलंकाई रुपये कमाते थे. लेकिन पानी नहीं मिलने से उनकी पूरी फसल खराब हो गई. अब घर चलाने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ रही है. Photo: Reuters
उनके बेटे को भी गर्मी और पानी की कमी के कारण अपना चिकन फार्म बंद करना पड़ा. खेती खराब होने से किसानों के सामने कर्ज चुकाने और घर का खर्च चलाने की परेशानी भी बढ़ रही है. Photo: Reuters
अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर दुनिया के कई हिस्सों के मौसम पर पड़ता है. एशिया के कुछ देशों में इससे कम बारिश हो सकती है. Photo: Reuters
इस साल अल-नीनो काफी मजबूत रहने की आशंका जताई गई है. श्रीलंका में कम बारिश और ज्यादा गर्मी ने पानी की कमी को और बढ़ा दिया है. Photo: Reuters
सरकार प्रभावित इलाकों में टैंकर से पानी पहुंचा रही है. लेकिन दूर के गांवों तक लगातार पानी पहुंचाना अभी भी बड़ी चुनौती है. अगर सूखा आगे भी जारी रहा, तो खेती और किसानों की कमाई पर इसका असर और बढ़ सकता है. Photo: Reuters