Vastu Tips: घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए दीवारों पर रंग कराने से पहले लोग अक्सर अपनी पसंद और सजावट का ध्यान रखते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और रंगों को भी खास महत्व दिया गया है? वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कुछ रंगों का गलत जगह इस्तेमाल घर के माहौल और आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि रंगों का असंतुलित चुनाव नकारात्मकता और पैसों से जुड़ी परेशानियों का संकेत माना जा सकता है. ऐसे में अगर आप भी घर की पुताई कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 4 रंगों से जुड़ी वास्तु मान्यताओं को जान लें.
1. उत्तर दिशा में लाल रंग
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में लाल रंग का अधिक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसके बजाय हल्का हरा, क्रीम या हल्का नीला रंग चुना जा सकता है.
2. बेडरूम में बहुत ज्यादा काला रंग
काला रंग आधुनिक और आकर्षक दिखता है, लेकिन दीवारों पर इसका अत्यधिक इस्तेमाल कमरे को भारी बना सकता है. वास्तु की कुछ मान्यताओं में भी घर के अंदर गहरे रंगों का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. आप हल्के भूरे, बेज या ऑफ-व्हाइट रंगों का विकल्प चुन सकते हैं.
3. रसोई में गहरे नीले रंग का ज्यादा इस्तेमाल
वास्तु में रसोई को अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है, जबकि नीला रंग जल तत्व का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से रसोई में गहरे नीले रंग के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है. हल्का पीच, क्रीम या हल्का पीला रंग रसोई को खुला और रोशन दिखा सकता है.
4. घर में जरूरत से ज्यादा चटकीले रंग
नियोन हरा, तेज गुलाबी और बहुत चमकीले नारंगी जैसे रंग कुछ लोगों को आकर्षक लग सकते हैं. हालांकि, इनका ज्यादा इस्तेमाल आंखों को चुभ सकता है और कमरे में रंगों का संतुलन बिगाड़ सकता है. बेहतर होगा कि इन्हें पूरी दीवारों के बजाय छोटे सजावटी हिस्सों तक सीमित रखें.