Janmashtami 2026: वास्तु शास्त्र में घर की चीजों के सही रखरखाव और दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि घर में कुछ चीजों को सही दिशा में रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और सुख-समृद्धि आती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को घर और राज्य की खुशहाली के लिए वास्तु के कुछ खास नियम बताए थे. इनमें पानी, चंदन, घी, शहद और मां सरस्वती से जुड़ी कुछ खास बातें शामिल हैं.
ईशान कोण में पानी की व्यवस्था
श्रीकृष्ण ने बताया था कि घर या महल में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हमेशा रहनी चाहिए. और इसके लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना गया है. वास्तु में इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार किसी प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना पुण्य का काम माना गया है. इसलिए घर में जल की उचित व्यवस्था रखने को भी शुभता से जोड़कर देखा जाता है.
घर में जरूर रखें चंदन
चंदन को पवित्र और सुगंधित माना जाता है. मान्यता है कि घर में चंदन की लकड़ी, चंदन की माला या चंदन से बनी अगरबत्ती रखी जा सकती है. पौराणिक संदर्भों में चंदन को ऐसी वस्तु बताया गया है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी पवित्रता और सुगंध बनाए रखता है. इसी वजह से इसे घर के सकारात्मक वातावरण से जोड़कर देखा जाता है.
गाय का शुद्ध क्यों है जरूरी
घर में गाय का शुद्ध घी रखना भी शुभ माना गया है. इसका इस्तेमाल भोजन बनाने के साथ दीपक जलाने में किया जा सकता है. धार्मिक मान्यता में घी का पूजा-पाठ में विशेष महत्व है. इसलिए ऐसी मान्यता है कि घर में घी की कमी नहीं होनी चाहिए.
घर के वातावरण को पवित्र बनाता शहद
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शहद को भी शुभ वस्तुओं में शामिल किया गया है. धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में इसका इस्तेमाल किया जाता है. मान्यता है कि शहद पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है. इसी वजह से इसे घर के सकारात्मक वातावरण से जोड़कर देखा जाता है.
मां सरस्वती की तस्वीर
मां सरस्वती को विद्या और बुद्धि की देवी माना जाता है. उन्हें वीणा वादिनी भी कहा जाता है. मान्यता है कि घर में मां सरस्वती की तस्वीर या पारद की प्रतिमा रखना शुभ होता है. उनके पूजन को ज्ञान, बुद्धि की शुद्धता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.