अगस्त माह की शुरुआत होते ही सुखों के प्रदाता शुक्र राशि बदलने वाले हैं. शुक्र 1 अगस्त को सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं. इस गोचर के साथ ही शुक्र देव केतु की छाया से मुक्त हो जाएंगे. बता दें कि सिंह राशि में केतु बैठा होने से शुक्र देव का शुभ प्रभाव कुछ राशियों को धन वैभव और शौर्य से वंचित कर रहा था. ज्योतिषविदों का कहना है कि इस गोचर के साथ ही चार राशियों को आर्थिक मोर्चे पर जबरदस्त लाभ प्राप्त हो सकता है. आइए जानते हैं.
मेष राशि
मेष राशि के लिए शुक्र का गोचर छठे भाव में होने से स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं. गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की जरूरत है. इस समय अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा. किसी भी व्यक्ति को उधार पैसा देने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि बाद में आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए चौथे भाव में नीच का शुक्र पारिवारिक जीवन में अशांति का कारण बन सकता है. माता के स्वास्थ्य में गिरावट की आशंका जताई गई है. वाहन या मकान से जुड़े फैसलों में रुकावट आ सकती है. आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतते हुए धन का लेन-देन सोच-समझकर करना बेहतर माना गया है.
तुला राशि
तुला राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं. ऐसे में शुक्र का 12वें भाव में जाना अनावश्यक खर्चों को बढ़ा सकता है. इस दौरान अनचाही यात्राओं और धन हानि के योग बन सकते हैं. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की संभावना भी बताई गई है. इसलिए आर्थिक फैसलों के साथ-साथ संबंधों में भी धैर्य और समझदारी बनाए रखना जरूरी रहेगा.
मीन राशि
मीन राशि के लिए सातवें भाव में नीच का शुक्र दांपत्य जीवन में कड़वाहट या जीवनसाथी के साथ विवाद की स्थिति पैदा कर सकता है. यदि साझेदारी में कारोबार कर रहे हैं तो बिजनेस पार्टनर के साथ पूरी पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी रहेगा. ऐसा नहीं करने पर आर्थिक नुकसान की स्थिति बन सकती है.
सरल उपाय
शुक्र के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए कुछ आसान उपाय बताए गए हैं. प्रतिदिन या विशेष रूप से शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद मिष्ठान का भोग लगाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें. शुक्रवार को जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करें. इसके अलावा "ॐ शुं शुक्राय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करने की भी सलाह दी गई है.