Maa Durga Vidai: शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के आगमन और विदाई की सवारी का खास महत्व माना जाता है. माता किस दिन धरती पर आती हैं और किस दिन विदा होती हैं, उसी के आधार पर उनकी सवारी तय होती है. मान्यता है कि माता की सवारी को कुछ संकेतों से भी जोड़कर देखा जाता है. इस साल मां दुर्गा की विदाई मुर्गे पर होगी. धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ नहीं माना जाता है. इसे समाज में तनाव और परेशानियों से जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं कि मुर्गे पर मां दुर्गा की विदाई का क्या मतलब है और इस दौरान कौन-से उपाय करने चाहिए.
मां दुर्गा की सवारी कैसे तय होती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र किस दिन शुरू हो रहे हैं, इससे मां दुर्गा के आगमन की सवारी तय होती है. रविवार या सोमवार को नवरात्र शुरू होने पर माता हाथी पर आती हैं. शनिवार या मंगलवार को घोड़े पर, गुरुवार या शुक्रवार को पालकी में और बुधवार को नाव से आती हैं. इसी तरह, माता की विदाई की सवारी भी किस दिन नवरात्र समाप्त हो रहे हैं, इसके आधार पर तय मानी जाती है.
मां दुर्गा की विदाई की सवारी और उसका फल
शशिसूर्यदिने यदि सा विजया महिषागमने रुजशोककरा।
शनिभौमदिने यदि सा विजया चरणायुधयानकरी विकला॥
बुधशुक्रदिने यदि सा विजया गजवाहनगा शुभवृष्टिकरा।
इस श्लोक के अनुसार, मां दुर्गा की विदाई किस दिन होती है, इसके आधार पर उनकी सवारी और उससे जुड़े फल बताए गए हैं. मान्यता है कि रविवार या सोमवार को भैंसे पर विदाई होने से रोग और दुख बढ़ सकते हैं. शनिवार या मंगलवार को मुर्गे पर विदाई को अशुभ माना गया है. वहीं, बुधवार या शुक्रवार को हाथी पर विदाई अच्छी बारिश का संकेत देती है. गुरुवार को मनुष्य पर विदाई को सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है.
मुर्गे पर मां दुर्गा की विदाई का क्या मतलब है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की विदाई मुर्गे पर होने को शुभ संकेत नहीं माना जाता है.मान्यता है कि इससे आने वाले समय में देश-दुनिया में तनाव बढ़ सकता है. साथ ही, लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
समाज और राजनीति में तनाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुर्गे पर मां दुर्गा की विदाई को समाज में तनाव और लोगों के बीच अनबन बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इस दौरान राजनीतिक विवाद भी बढ़ सकते हैं.
प्राकृतिक आपदाओं की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुर्गे पर मां दुर्गा की विदाई को प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा, यह भी मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिति और बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए क्या करें?
मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा के साथ दुर्गा सप्तशती या सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा, जरूरतमंदों को भोजन कराएं, उन्हें कपड़े या जरूरी सामान दान करें. भक्त हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं. साथ ही, परिवार और समाज में प्रेम बनाए रखें, दूसरों की मदद करें, बेवजह के झगड़ों से बचें.