11 सितंबर को मीन राशि में वक्री शनि और चंद्रमा की युति बनने वाली है. ज्योतिष शास्त्र में शनि और चंद्रमा की युति को विष योग कहा जाता है. चंद्रमा मन का कारक है और शनि कर्मों के आधार पर जातकों को फल देते हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि तीन राशियों के लिए शनि-चंद्रमा का विष योग अशुभ दिखाई दे रहा है. इन राशियों के जिन भी जातकों के कर्म ठीक नहीं है या जो दूसरों के साथ छल-कपट का भाव मन में रखते हैं, उनकी लिए यह युति भयावह हो सकती है. आइए जानते हैं कि 11 सितंबर को बन रहा यह विष योग किन राशियों को नुकसान दे सकता है.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. घर के सदस्यों के साथ किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है. लोगों के साथ मनमुटाव या अनबन बढ़ सकती है. ऐसे में बातचीत करते समय शब्दों का खास ध्यान रखें. छोटी बात को बड़ा बनाने से बचें. किसी मुद्दे पर चर्चा हो तो शांत रहकर अपनी बात रखें. संयम से स्थिति को संभालने की कोशिश करना बेहतर रहेगा.
उपाय- शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल और काले तिल का दीपक जलाएं.
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को कार्यस्थल पर मानसिक दबाव महसूस हो सकता है. काम का बोझ और डेडलाइन तनाव बढ़ा सकती है. ऐसे समय में घबराने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना जरूरी होगा. काम को पूरा करने के लिए धैर्य और लगन बनाए रखें. किसी तरह का विचलन काम को प्रभावित कर सकता है. इसलिए पूरे समर्पण के साथ जिम्मेदारियां पूरी करने की कोशिश करें.
उपाय- 11 सितंबर को शनि देव के मंत्रों का जाप करें और उनसे जुड़ी चीजें दान करें.
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए यह युति सीधे मन को प्रभावित करने वाली बताई जा रही है. आपकी राशि में पहले से वक्री शनि मौजूद हैं. ऐसे में चंद्रमा का प्रवेश मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है. इस दौरान बेवजह ज्यादा सोचने से बचें. ओवरथिंकिंग आपकी परेशानी बढ़ा सकती है. अपनी सेहत का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें. मन को अनावश्यक विचारों में उलझाने के बजाय खुद को शांत रखने की कोशिश करें.
उपाय- शनिवार के दिन एक पात्र में सरसों का तेल लेकर छाया दान करें.