28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण श्रावण शुक्ल पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पड़ेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेंद्र पांडे के अनुसार, यह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा, जो 28 अगस्त को सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगा. यह ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने वाला है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए यहां सामान्य ग्रहण संबंधी नियम और सूतक लागू नहीं होंगे. आइए जानते हैं कि इस चंद्र ग्रहण के दौरान भारत में लोग क्या करें और क्या न करें.
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
1. ग्रहण के समय भगवान का नाम और मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
2. इस दौरान ध्यान और स्तुति करना शुभ माना गया है.
3. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें.
4. इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर सकते हैं.
5. चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं का दान करने की भी सलाह दी गई है. आप दूध, दही, चावल, चीनी या चांदी का दान कर सकते हैं.
6. यदि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर मानी जाती है तो चंद्र ग्रहण के दौरान 'ॐ सों सोमाय नमः' या 'ॐ चंद्राय नमः' मंत्र का जाप करें.
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें?
1. चंद्र ग्रहण का सूतक मानकर खान-पान बंद न करें. यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. इसलिए सूतक के नियम न मानें.
2. भोजन करने पर कोई धार्मिक रोक नहीं बताई गई है. इसलिए खान-पान और पूजा-पाठ बंद न करें.
3. मंदिर के कपाट बंद करने की आवश्यकता नहीं मानी गई है. आप मंदिर जाकर भी भगवान की पूजा कर सकते हैं.
4. सोने-जागने की दिनचर्या बदलने की जरूरत नहीं है.
5. गर्भवती महिलाओं को घबराने या विशेष प्रतिबंध रखने की जरूरत नहीं है. आप घर या घर से बाहर सामान्य दिनों की तरह अपने कार्य पूरे कर सकते हैं.
रक्षाबंधन पर लग रहा चंद्र ग्रहण
साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन की शुभ वेला पर पड़ रहा है. हालांकि भारत में दृश्यमान न होने की वजह से इसका त्योहार पर कोई प्रभाव नहीं रहेगा. बहनें किसी भी शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक बताया गया है. इसके बाद दोपहर को 12.05 बजे से दोपहर 01.05 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी राखी बांधी जा सकती है.