इस साल पितृपक्ष में एक बड़ा खास संयोग बनने वाला है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल पितृपक्ष में चार ग्रह उल्टी चाल चलने वाले हैं. पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहेगा. 15 दिन की इस अवधि में चार ग्रह वक्री चाल चलेंगे. शनि, राहु और केतु तो पहले से ही वक्री हैं. लेकिन 3 अक्टूबर को सुखों के प्रदाता शुक्र भी वक्री हो जाएंगे. एकसाथ चार ग्रहों का वक्री होना दुर्लभ संयोग हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि पितृपक्ष में यह संयोग चार राशियों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.
सिंह राशि
शुक्र की वक्री चाल सिंह राशि वालों के लिए भाई-बहन, छोटी यात्राओं, प्रयासों और संवाद से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव लेकर आ सकती है. इस दौरान मेहनत करने के बाद भी परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलने की स्थिति बन सकती है. किसी काम को पूरा करने में सामान्य से ज्यादा प्रयास करना पड़ सकता है. संवाद में किसी तरह की जल्दबाजी परेशानी बढ़ा सकती है.
वृश्चिक राशि
वक्री शुक्र वृश्चिक राशि वालों के खर्च और आर्थिक दबाव को बढ़ावा दे सकता है. इस अवधि में अनावश्यक खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है. ऐसे में पैसों से जुड़े मामलों में सावधानी रखना जरूरी रहेगा. विदेश से जुड़े मामलों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. वहीं प्रेम और दांपत्य जीवन में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है. सुख-सुविधाओं या दिखावे पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च करने से बचना बेहतर रहेगा.
मकर राशि
शुक्र की वक्री चाल नौकरी और कामकाज से जुड़े मामलों में अस्थिरता ला सकती है. काम का दबाव महसूस हो सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद की स्थिति भी बन सकती है. बिजनेस करने वालों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय सावधानी बरतनी होगी. मकर राशि के लिए शुक्र पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं. इसलिए परिणाम पूरी तरह नकारात्मक नहीं माने जाएंगे. हालांकि, वक्री अवस्था में करियर से जुड़े पुराने मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं.
मीन राशि
मीन राशि वालों को इस दौरान अचानक होने वाली घटनाओं, बाधाओं और अनिश्चित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए बड़े फैसलों को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखना जरूरी होगा. निवेश और संयुक्त धन से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतनी होगी. ससुराल पक्ष से जुड़े मामलों में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है. बड़े आर्थिक फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना उचित रहेगा. किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय पर आगे बढ़ने से पहले उससे जुड़े पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी होगा.