आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामलों ने एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है. इस महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत करने के लिए आईआईटी कानपुर के 'सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग' के क्लिनिकल हेड डॉ. आलोक बाजपेयी ने अपने विचार साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर में लगभग 35-40 वर्षों से काउंसलिंग सेवाएं चल रही हैं. हाल ही में इस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसका नाम बदलकर 'सेंटर फॉर Mental Health and Well-being' किया गया है, जहां 10 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक छात्रों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं.