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Diwali 2026: धन के लिए चौमुखी दीपक! जानें दिवाली पर लक्ष्मी के सामने कौन सा दीपक जलाएं

Diwali 2026: दीपक के मुख और उसमें जलने वाली बातियों की संख्या के आधार पर अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए दीपदान किया जाता है. एक मुखी से लेकर छह मुखी तक के दीपक का अपना अलग महत्व बताया गया है.

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जानें, कौन सा दीपक जलाने से मां लक्ष्मी देंगी धनधान्य और सुख-समृद्धि का वरदान. (Photo: ITG)
जानें, कौन सा दीपक जलाने से मां लक्ष्मी देंगी धनधान्य और सुख-समृद्धि का वरदान. (Photo: ITG)

दीपावली का त्योहार दीपों के बिना अधूरा माना जाता है. इस दिन घरों, मंदिरों और देवस्थानों में दीपक जलाने की विशेष परंपरा है. हिंदू धर्म में दीपक को केवल रोशनी का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था, पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक भी माना गया है. मान्यता है कि दीपक की लौ के माध्यम से ईश्वर का ध्यान करने से मन एकाग्र होता है और पूजा में मन लगता है. यही वजह है कि पूजा-पाठ से लेकर मंत्र जाप तक में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है.

हिंदू परंपरा में पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु यानी पंचतत्वों को सृष्टि का आधार माना गया है. इनमें अग्नि को पवित्रता और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. दीपक इसी अग्नि का प्रतिनिधित्व करता है. दीपों के इसी महत्व के कारण कार्तिक अमावस्या को दीपावली का पर्व मनाया जाता है. दीपक के मुख और उसमें जलने वाली बातियों की संख्या के आधार पर अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए दीपदान किया जाता है. एक मुखी से लेकर छह मुखी तक के दीपक का अपना अलग महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं कि अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए किस मुखी दीपक को जलाना चाहिए.

1. एक मुखी दीपक
एक मुखी दीपक को सामान्य पूजा-पाठ और मंत्र जाप के लिए उपयुक्त माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी देवी-देवता की पूजा शुरू करने से पहले इस तरह का दीपक जलाना शुभ होता है. इसमें दो बत्तियां रखी जाती हैं, लेकिन उनका केवल एक सिरा जलाया जाता है.

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मान्यता है कि नियमित रूप से पूजा स्थल पर एक मुखी दीपक जलाने से मन शांत और एकाग्र रहता है. इससे पूजा में ध्यान लगाने में सहायता मिलती है और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है. कार्तिक मास में प्रतिदिन शाम के समय पूजा स्थान पर एक मुखी दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है.

2. दो मुखी दीपक
दो मुखी दीपक का संबंध स्वास्थ्य और आयु की कामना से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि परिवार में किसी सदस्य की सेहत ठीक न रहने या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने पर इस दीपक को जलाना शुभ होता है. इसमें दो बत्तियां रखी जाती हैं और दोनों के सिरे जलाए जाते हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास में भगवान शिव के समक्ष घी का दो मुखी दीपक जलाकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना उत्तम माना जाता है. इससे आरोग्य और दीर्घायु की कामना की जाती है. मां दुर्गा की पूजा में भी दो मुखी दीपक जलाने की परंपरा बताई गई है. वहीं, शिक्षा में सफलता और ज्ञान प्राप्ति की कामना से मां सरस्वती के सामने भी इस दीपक को जलाया जा सकता है.

3. तीन मुखी दीपक
तीन मुखी दीपक को शत्रुओं और विरोधियों से जुड़ी परेशानियों के निवारण के लिए उपयोगी माना जाता है. मान्यता है कि इस दीपक को जलाकर विरोधियों से होने वाली बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की जा सकती है. इसमें दो बत्तियां रखी जाती हैं और उनके तीन सिरों को जलाया जाता है.

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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दीपक को घर के मुख्य द्वार पर जलाना शुभ माना जाता है. इसमें सरसों का तेल इस्तेमाल करने की परंपरा बताई गई है. इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई और बौद्धिक विकास की कामना के लिए भी तीन मुखी दीपक जलाया जाता है. इसके लिए उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा में दीपक जलाने का विधान बताया गया है. भगवान गणेश की आराधना में भी तीन मुखी दीपक जलाना शुभ माना जाता है.

4. चार मुखी दीपक
चार मुखी यानी चौमुखा दीपक धन, वैभव और सुख-समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने और घर में धन-धान्य की वृद्धि की प्रार्थना के लिए यह दीपक जलाना शुभ होता है. इसके अलावा शनि, राहु और केतु से संबंधित ग्रह बाधाओं के निवारण के लिए भी चौमुखा दीपक जलाने की परंपरा है.

इस दीपक में दो बत्तियां रखी जाती हैं और उनके चारों सिरों को जलाया जाता है. इसे मुख्य पूजा स्थल पर जलाना शुभ माना जाता है. कार्तिक मास में प्रतिदिन शाम को तुलसी के पौधे के नीचे घी का चौमुखा दीपक जलाने की भी मान्यता है. वहीं, दक्षिण दिशा में चौमुखा दीपक जलाने का संबंध यमदेव की कृपा और अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना से भी जोड़ा जाता है.

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5. छह मुखी दीपक
छह मुखी दीपक संतान सुख और संतान से जुड़ी परेशानियों के निवारण की कामना के लिए जलाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन दंपत्तियों को संतान प्राप्ति या संतान से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो, वे इस दीपक को जलाकर भगवान से कृपा की प्रार्थना कर सकते हैं.

इस दीपक में तीन बत्तियां रखी जाती हैं और उनके सभी छह सिरों को जलाया जाता है. मान्यता है कि पति-पत्नी को मिलकर यह दीपक जलाना चाहिए. इसके लिए प्रत्येक बुधवार को भगवान गणेश के सामने छह मुखी दीपक जलाने का विधान बताया गया है.

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