6 नवंबर यानी कल धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा का विधान बताया गया है. मान्यता है कि धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और मूल्यवान चीजों की खरीदारी से धनधान्य में खूब वृद्धि होती है. हालांकि धनतेरस पर कुछ खास चीजों की खरीदारी से बचना भी चाहिए. ज्योतिषविद कहते हैं कि धनतेरस जैसे शुभ पर्व पर कुछ चीजें घर लाने से राहु-शनि जैसे ग्रहों का अशुभ प्रभाव बढ़ता है. आइए जानते हैं.
1. लोहे का सामान
धनतेरस पर लोहे से बनी चीजें खरीदना शुभ नहीं माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में लोहे का संबंध शनि देव से बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, धनतेरस का दिन मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए समर्पित है. ऐसे में इस दिन लोहे के बर्तन, औजार या लोहे से बनी दूसरी वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है.
2. चाकू-कैंची या धारदार औजार
धनतेरस पर चाकू, कैंची, ब्लेड और अन्य नुकीली या धारदार वस्तुएं खरीदने से भी परहेज करना चाहिए. लोक मान्यताओं में ऐसी चीजों को कलह, रिश्तों में तनाव और अलगाव का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि शुभ अवसरों पर इनकी खरीदारी को टालने की सलाह दी जाती है.
3. कांच का सामान
कांच का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है. कांच की वस्तुएं आसानी से टूट भी सकती हैं. धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं में टूटने वाली चीजों को अस्थिरता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए धनतेरस पर कांच के बर्तन, सजावटी सामान या कांच से बनी दूसरी वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है.
4. काले रंग की चीजें
धनतेरस जैसे मांगलिक अवसर पर काले रंग की वस्तुओं की खरीदारी से भी परहेज करने की मान्यता है. हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के दौरान लाल, पीले और केसरी जैसे रंगों को प्राथमिकता दी जाती है. इन रंगों को शुभता, ऊर्जा और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए इस दिन काले रंग के कपड़े या अन्य सामान खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है.
5. खाली बर्तन
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है. लेकिन मान्यता है कि नया बर्तन खरीदकर उसे खाली घर नहीं लाना चाहिए. दुकान से बर्तन लाते समय उसमें थोड़ा जल, चावल, बताशा या कोई मीठी चीज रख लेनी चाहिए. घर में प्रवेश करते समय भी बर्तन को खाली न रखने की परंपरा है. ऐसा करना शुभ और बरकत का प्रतीक माना जाता है.