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Ground Report: राजस्थान में नहीं खत्म हो रहा नौकरी का इंतजार, फाइनल रिजल्ट अटका तो सड़क पर उतरे अभ्यर्थी

राजस्थान में कई भर्ती परीक्षाओं के अंतिम नतीजे लंबित हैं. लाइब्रेरियन और कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती के हजारों अभ्यर्थी रिजल्ट और नियुक्ति के इंतजार में प्रदर्शन कर रहे हैं.

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राजस्थान में सड़कों पर उतरे हजारों परेशान अभ्यर्थी  (Photo: ITG)
राजस्थान में सड़कों पर उतरे हजारों परेशान अभ्यर्थी (Photo: ITG)

राजस्थान में नौकरियां तो बहुत निकल रही है लेकिन आधा दर्जन नौकरियों में एक साल से ज्यादा वक्त से फाइनल रिजल्ट ही नहीं निकल पा रहा है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर के बाहर हाथ में कटोरा लेकर नौकरी की भीख मांग रहे ये वो छात्र हैं, जिनका चयन लाईब्रेरियन भर्ती परीक्षा के संभावित सफल सूची में तो हो गया मगर फाइनल रिजल्ट अब तक नहीं आया. 

किसी अधिकारी की गाड़ी आती है, तो सड़क पर दंडवत करने लगते हैं कि किसी का दिल तो पसीजेगा. लाईब्रेरियन भर्ती 2024 की परीक्षा जुलाई 2025 में हुई और नवंबर 2025 में रिजल्ट भी आ गया लेकिन 181 सफल छात्रों ने मेरठ के शिकोहाबाद यूनिवर्सिटी का सर्टिफिकेट लगाया था, जिसकी जांच हो रही है.

जांच की वजह से दूसरे 650 सफल छात्र बारह दिनों से राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के बाहर भीषण गर्मी में धरना दे रहे है. इनका कहना है कि लाईब्रेरियन की पढ़ाई करने के बाद दूसरी परीक्षा भी नहीं दे सकते हैं. छात्र एसके यादव का कहना है कि तीन रोजगार मेला गुजर गया, हर बार कहा जाता है कि इस बार कर देंगे लेकिन आजतक नहीं हुआ. बोर्ड की जिद्द की वजह से लोग कहने लगे कि इसकी नौकरी लगी भी है या नहीं. दूसरा कुछ कर भी नहीं पा रहे हैं.

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'जल्दी करने की कोशिश...'

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन आलोक राज कहते हैं, "हम भी जल्दी करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों के सर्टिफिकेट की जांच पेंडिग है. जल्दी करवाने की कोशिश कर रहे हैं."

इसी तरह कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024 के 1300 सफल उम्मीदवार नौकरी के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के जूते घिस रहे हैं. अधिकारी से लेकर सरकार तक 10-10 दिन का वक्त देते हैं, जो खत्म हीं नहीं होता.

बाड़मेर के चेतन को सरकार की तरफ से चयनित होने का बधाई पत्र मिल चुका है लेकिन वे अब तक फाइनल रिजल्ट नहीं मिलने से परेशान हैं. जयपुर के लेखराज का कहते हैं, "जब भी आओ कहते हैं कि दस दिन में हो जाएगा और अब कह रहे हैं. रिजल्ट तैयार करने वाला अधिकारी लंबी छुट्टी पर है." इसी कैंपस में राजस्थान ग्रामीण विकास के 2500 कर्मचारी मंत्री के आवास के बाहर धरना दे रहे हैं. इनका कहना है कि 2006 से कई लोग अस्थायी नौकरी कर मनरेगा ओर अब बीवी राम जी में काम कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: मेडिकल परीक्षा पास करने के लिए लगते हैं 5.5 लाख, राजस्थान पुलिस ने पेपर लीक रैकेट का किया भंडाफोड़ 

18-19 साल में कई बार सरकार ने पक्की नौकरी का ऐलान किया लेकिन पूरी नहीं कर रही है. गहलोत सरकार ने करीब 20 हजार कर्मचारियों को नियमित किया लेकिन ढाई हजार रह गए. 2018 में फिर से परमानेंट नौकरी का ऐलान हुआ, लेकिन आचार संहिता लग गई. 

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मौजूदा बीजेपी सरकार में 2026 में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में इनको परमानेंट करने की घोषणा की लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका. ग्राम सहायक से लेकर जूनियर इंजीनियर तक 8000 से लेकर 17000 की तनख्वाह पर काम कर रहे हैं. 

ग्रामीण विकास मंत्री डाक्टर किरोड़ी लाल मीणा कहते हैं, "फाइल फाइनेंस से निकल गई है, बस लॉ डिपार्टमेंट से क्लियर होना है. जल्दी करवाने की कोशिश करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान आ रहे हैं, जहां पर फोर्थ ग्रेड के 48 हजार सहित करीब 50 हजार बेरोजगारों को नियुक्ति पत्र बांटेंगे लेकिन अब भी करीब 30 हजार से ज्यादा पदों पर बेरोजगार नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं."

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