नशामुक्त नागौर के तहत जिला पुलिस की लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है. डेगाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त दबिश में चौखा की ढाणी से 979.02 ग्राम अवैध सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए बरामद की, जिसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए इस खेप को रसोई के सामान मिर्ची की थैली में भरकर चारे के ढेर में छिपा रखा था. लेकिन पुलिस की सटीक सूचना और रणनीति के आगे उनकी चालाकी काम नहीं आई.
चौंकाने वाला खुलासा
मौके पर श्रवणराम बिश्नोई (42) को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड उसका चचेरा भाई विनीत बिश्नोई (रेण निवासी) है.
विनीत पिछले तीन साल से जिले में नशे का जाल फैला रहा था और हर महीने 5 किलो से ज्यादा एमडीएमए की सप्लाई कर युवाओं को बर्बाद कर रहा था. दबिश की खबर मिलते ही विनीत फरार हो गया. पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है.
मास्टरमाइंड विनीत की स्टोरी
शोरूम की आड़ में ड्रग्स का धंधा: विनीत नागौर शहर के अजमेर रोड पर वाहनों की एक्सेसरीज की दुकान पार्टनरशिप में चलाता है. व्यापार की आड़ में वह पूरा नशा नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था.
रईसी का शौकीन: विनीत आलीशान जीवन जीने का दीवाना है. लग्जरी गाड़ियों में घूमता है, शरीर पर भारी सोने के आभूषण पहनता है. इसी रईस छवि का इस्तेमाल कर वह युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करता था.
बड़ा नेटवर्क: पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह जिले के विभिन्न हिस्सों में हर महीने 5 किलो एमडीएमए खपा देता था.
दूसरी बड़ी कार्रवाई: सुगनसिंह सर्किल पर तीन तस्कर गिरफ्तार
इसी दौरान डीएसटी और कोतवाली थाना पुलिस ने शहर के सुगनसिंह सर्किल पर घेराबंदी कर तीन तस्करों को दबोच लिया. इनके कब्जे से 68.43 ग्राम स्मैक, नशे की बिक्री के 69 हजार 200 रुपये नकदऔर तस्करी में इस्तेमाल दो दोपहिया वाहन जब्त किए गए.
गिरफ्तार आरोपी:
- मनोहर जाट (सुखवासी निवासी)
- रोशन (सिंधलो का मोहल्ला, अजमेरी गेट)
- आरिफ (बस्सी मोहल्ला)
इस पूरे ऑपरेशन में जिला स्पेशल टीम नागौर के महेंद्र एचसी की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही. उन्होंने सूचना से लेकर दबिश तक पूरे अभियान का नेतृत्व किया.
एसपी रोशन मीणा (IPS) ने कहा, ''हमारा लक्ष्य नागौर को नशा मुक्त बनाना है. किसी भी तस्कर को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा. अगर कहीं भी कोई अवैध मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त कर रहा है तो तुरंत डीएसटी और पुलिस को सूचना दें.''