हरियाणा के गुरुग्राम में पानी के कारोबार को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है. धनवापुर इलाके में पानी के वर्चस्व की लड़ाई के बीच गैंगस्टर कौशल चौधरी के गुर्गों का नाम सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. शिकायतकर्ता मनीष दहिया ने आरोप लगाया है कि उनकी साइट पर दर्जनों लोग पहुंचे और मुनाफे में हिस्सा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी. साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी है. हालांकि उनका आरोप है कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.
यह मामला गुरुग्राम के धनवापुर गांव का है. शिकायतकर्ता मनीष दहिया ठेकेदारी का काम करते हैं. उनका कहना है कि सेक्टर-104 स्थित उनकी साइट पर दोपहर के समय अचानक कई गाड़ियों में सवार होकर दर्जनों लोग पहुंच गए. उनके मुताबिक करीब 15 से 18 काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ियों में लोग साइट पर आए. मनीष दहिया का आरोप है कि इस पूरी घटना के पीछे स्थानीय पार्षद दिनेश दहिया का हाथ है. उन्होंने दावा किया कि पार्षद अपने 40 से 50 साथियों के साथ साइट पर पहुंचे थे. मनीष के अनुसार, इन लोगों के साथ गैंगस्टर कौशल चौधरी के गुर्गे भी मौजूद थे.
शिकायतकर्ता ने स्थानीय पार्षद पर लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि साइट पर मौजूद उनके सुपरवाइजर को धमकाया गया. आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि या तो मुनाफे में हिस्सा दिया जाए या फिर काम छोड़कर वहां से चले जाएं. ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई. मनीष दहिया का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने तुरंत राजेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दी. उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.
साथ ही उनका कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ रहे हैं और उनका परिवार दहशत के माहौल में रह रहा है. पीड़ित का कहना है कि उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है. उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
परिवार दहशत में, पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
धनवापुर इलाके में पानी के कारोबार को लेकर चल रहा यह विवाद अब लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है. शिकायत में गैंगस्टर कौशल चौधरी के गुर्गों का नाम आने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की तरफ से इस मामले में अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है. फिलहाल पूरे मामले की शिकायत राजेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में दी जा चुकी है. अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है. यह देखना होगा कि शिकायत के आधार पर पुलिस क्या कदम उठाती है और मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.