जयपुर में आमेर किले तक पर्यटकों को ले जाने वाली जीपों का संचालन शुरू हुआ तो इलाके में फिर बवाल खड़ा हो गया. लोग बाजार बंद कर सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शन शुरू हो गया. और इस पूरे विरोध के बीच करीब एक महीने पुराना वह मामला फिर सामने आ गया, जिसने आमेर को हिला दिया था. टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की हत्या. मनीष सोनी की हत्या के बाद आमेर में जीप संचालन को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल था. सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे.
अब जब जीपें दोबारा सड़क पर उतरीं, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा भी सड़क पर दिखाई देने लगा. बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए और जीप संचालन बंद करने की मांग करने लगे. लोगों का कहना है कि जिस व्यवस्था को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं, उसे दोबारा शुरू करने से पहले सुरक्षा के मुद्दे का समाधान होना चाहिए.
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मनीष सोनी की पत्नी पूनम सोनी भी इस विरोध के बीच अपनी बात रख रही हैं. उनका आरोप है कि मनीष सोनी के साथ जो हुआ, वैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए. वह सुरक्षा को देखते हुए जीप संचालन बंद करने की मांग कर रही हैं. पूनम का आरोप है कि जीप संचालकों की तरफ से उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं. उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस की तरफ से अपेक्षित सख्त कार्रवाई नहीं हो रही.
अब दूसरी तरफ की कहानी भी सुनिए. जीप संचालकों के परिवारों का कहना है कि पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जीपों का संचालन बंद पड़ा था. मतलब सीधे-सीधे कमाई बंद. और जब कमाई बंद होती है तो असर सिर्फ ड्राइवर पर नहीं पड़ता. घर चलता है तो कई लोगों से. बच्चों की फीस. घर का राशन. बिजली का बिल. दवाइयां. यानी जीप खड़ी है तो उसके साथ एक परिवार की रोजी-रोटी भी खड़ी हो जाती है. इसी वजह से जीप चालकों और उनके परिवारों की ओर से भी प्रदर्शन किया गया था. इसके बाद प्रशासन ने आमेर किले में जीप संचालन दोबारा शुरू करवाया.
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जीपें चलीं. और अगले ही दिन स्थानीय लोगों का विरोध फिर शुरू हो गया. यानी आमेर में एक तरफ सुरक्षा का सवाल है, तो दूसरी तरफ रोजी-रोटी का. एक पक्ष कह रहा है कि पहले सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए. दूसरा पक्ष कह रहा है कि इतने लंबे समय तक काम बंद रहने से परिवार कैसे चलेंगे? इसी टकराव ने आमेर में एक बार फिर माहौल गरमा दिया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बाजार बंद रखा और सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताया. मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की.

आमेर में जीपें चलेंगी या नहीं? अगर चलेंगी तो किन शर्तों के साथ? और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान कैसे होगा? क्योंकि मामला सिर्फ जीपों का नहीं रह गया है. इसके साथ मनीष सोनी की हत्या के बाद पैदा हुआ डर भी जुड़ा हुआ है. मनीष की पत्नी का कहना है कि वह नहीं चाहतीं कि उनके पति के साथ हुई घटना जैसी कोई दूसरी घटना हो. वहीं जीप संचालकों का कहना है कि लंबे समय से काम बंद रहने के कारण उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है.
एक तरफ सुरक्षा. दूसरी तरफ रोजगार. और इनके बीच प्रशासन को रास्ता निकालना है. आमेर सिर्फ जयपुर का एक इलाका नहीं है. यहां देश-विदेश से पर्यटक आते हैं. किले की सैर और आसपास के पर्यटन कारोबार से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है. जीप चालक भी इसी पर्यटन व्यवस्था का हिस्सा हैं. मनीष सोनी की हत्या के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे. फिलहाल आमेर में गतिरोध बना हुआ है. जीप संचालक चाहते हैं कि उनका काम चलता रहे. स्थानीय लोग संचालन के विरोध में हैं. मनीष सोनी की पत्नी सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रही हैं. और पुलिस-प्रशासन दोनों पक्षों को समझाने में जुटा है.