मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ के दरबार में एक बार फिर भक्त की आस्था का अनोखा उदाहरण देखने को मिला. मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ से आए एक श्रद्धालु परिवार ने भगवान श्री सांवलिया सेठ को 11 किलो 400 ग्राम वजनी चांदी की 19 छोटी-छोटी सिल्लियां भेंट कीं. मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार इस चांदी की कीमत 26 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है.
श्रद्धालु परिवार सबसे पहले मंदिर पहुंचा और भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन किए. इसके बाद परिवार ने पूरी श्रद्धा के साथ चांदी की सभी 19 सिल्लियां ठाकुरजी के श्रीचरणों में अर्पित कीं. मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस भेंट को आस्था और विश्वास का प्रतीक माना.
दर्शन और पूजा के बाद परिवार मंदिर मंडल के भेंटकक्ष ऑफिस पहुंचा. यहां मंदिर की तय प्रक्रिया के अनुसार चांदी की सिल्लियां विधिवत जमा कराई गईं. भेंट जमा होने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से परिवार को उसकी रसीद भी सौंपी गई.
परिवार ने भगवान को अर्पित की 19 चांदी की सिल्लियां
मंदिर मंडल की ओर से श्रद्धालु परिवार का सम्मान भी किया गया. परिवार के सदस्यों को ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. साथ ही भगवान श्री सांवलिया सेठ की छवि और प्रसाद भी भेंट किया गया. इस दौरान मंदिर की परंपरा के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं.
श्री सांवलिया सेठ का दरबार लंबे समय से देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां समय-समय पर भक्त अपनी श्रद्धा और मनोकामना पूरी होने पर नकद राशि, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान को अर्पित करते हैं. मंदिर में मिलने वाली ऐसी भेंटें लगातार लोगों का ध्यान खींचती रही हैं.
हाल ही में भी एक श्रद्धालु ने भगवान श्री सांवलिया सेठ को करीब 137 ग्राम वजनी स्वर्ण बांसुरी भेंट की थी. उस स्वर्ण बांसुरी की कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई थी. यह भेंट भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी थी.
मंदिर के मासिक भंडारों में भी हर बार बड़ी मात्रा में नकद राशि के साथ सोना, चांदी और आभूषण प्राप्त होते हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार भंडारों में करोड़ों रुपये की नकद राशि के अलावा बहुमूल्य धातुएं और आभूषण भी जमा होते हैं. यह सिलसिला लगातार जारी है.
इस बार मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालु परिवार की ओर से 11 किलो 400 ग्राम वजनी चांदी की 19 सिल्लियों की भेंट ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार इस चांदी की कीमत 26 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. इतनी बड़ी भेंट को मंदिर में विधिवत स्वीकार किया गया और पूरी प्रक्रिया के साथ उसका रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया.
मासिक भंडारों में करोड़ों की नकदी के साथ मिलता है सोना-चांदी
श्री सांवलिया सेठ मंदिर में लगातार मिल रही ऐसी बहुमूल्य भेंटें यह दिखाती हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान को भेंट अर्पित करते हैं. मनोकामना पूरी होने पर भक्त अपनी क्षमता के अनुसार सोना, चांदी, नकद राशि और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं चढ़ाते हैं. यही वजह है कि श्री सांवलिया सेठ का दरबार आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.